कपड़े-बर्तन धोना सिखाकर रोबोट ट्रेनर कमा रहे ₹85 हजार महीना, जानिए कैसे मिलती है नौकरी
रोबोट ट्रेनर आखिर करते क्या हैं?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में रोबोट को घरेलू काम सिखाने वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है। इनका काम कपड़े तह करना, बर्तन धोना, कप उठाकर दूसरी जगह रखना और बोतलों के ढक्कन खोलने जैसी गतिविधियों को बार-बार करना होता है। इस दौरान सेंसर और मोशन-कैप्चर उपकरणों की मदद से उनकी गतिविधियों का डेटा रिकॉर्ड किया जाता है।
इस डेटा से रोबोट को यह सीखने में मदद मिलती है कि किसी वस्तु को किस तरह पकड़ना है, कितनी ताकत लगानी है और आसपास की चीजों के हिसाब से अपनी गतिविधियों को कैसे बदलना है। यह जानकारी घरेलू कामों के अलावा फैक्ट्री, रसोई और सुपरमार्केट में इस्तेमाल होने वाले रोबोट को प्रशिक्षित करने में भी उपयोगी हो सकती है।
महीने में ₹50 हजार से ₹85 हजार तक कमाई
चीन के कुछ जॉब प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर रोबोट ट्रेनर की नौकरियों के विज्ञापन सामने आ रहे हैं। इनमें आमतौर पर 4,000 से 6,000 युआन मासिक वेतन की बात कही जाती है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹50,000 से ₹85,000 के आसपास होती है। हालांकि, वेतन नौकरी, काम के घंटे और जिम्मेदारियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। हर रोबोट ट्रेनर को इतनी कमाई हो, यह जरूरी नहीं है।
रिपोर्ट में शांक्सी प्रांत के 22 वर्षीय छात्र सन का उदाहरण दिया गया है। उसने गर्मियों की छुट्टियों में रोबोट ट्रेनिंग का काम किया। उसे दिन की शिफ्ट के लिए 120 युआन और रात की शिफ्ट के लिए 135 युआन मिलते थे। उसके काम में कपड़े तह करना, झाड़ू लगाना और रोबोट के लिए इंसानों की गतिविधियों का डेटा तैयार करना शामिल था। हालांकि, कुछ समय बाद उसे लगा कि इस काम में होने वाली थकान कमाई के मुकाबले ज्यादा है।
दिन में 200 बार तक बर्तन धोने का काम
इस नौकरी की चुनौती यह है कि एक ही गतिविधि को कई बार दोहराना पड़ता है। बीजिंग के एक स्टूडियो में काम करने वाली 40 वर्षीय लियू युन पहले ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम करती थीं। नौकरी छूटने के बाद उन्होंने रोबोट ट्रेनर के रूप में काम शुरू किया।
स्टूडियो में उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार कप उठाने, सतहों को रगड़कर साफ करने और दूसरे घरेलू कामों को दोहराने पड़ते थे। रिपोर्ट के अनुसार, वहां एक दिन में 160 गतिविधियों के सैंपल तैयार करने का लक्ष्य था, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी 260 से ज्यादा सैंपल पूरे कर लेते थे। लियू के लिए दिन में करीब 200 बार बर्तन धोना और टेबल पोंछना काफी थकाने वाला काम था। उन्होंने इस प्रक्रिया की तुलना एक छोटे बच्चे को कुछ सिखाने से की।
घर से काम करने का विकल्प भी
रोबोट ट्रेनिंग की सभी नौकरियों में स्टूडियो जाना जरूरी नहीं है। रिपोर्ट में जियांग्सू प्रांत की गुओ होंगजुआन का भी जिक्र है, जो घर से काम करती हैं। वह रोजाना करीब छह घंटे किताबें व्यवस्थित करने, टेबल पोंछने और सामान को एक जगह से दूसरी जगह रखने जैसी गतिविधियों का डेटा तैयार करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें महीने में करीब 4,000 युआन यानी लगभग ₹50,000 मिलते हैं। घर से काम करने के कारण उन्हें अपने बच्चे की देखभाल करने में भी सुविधा होती है।
सड़क पर सफाई करने वालों की गतिविधियां भी रिकॉर्ड
चीन में रोबोट को प्रशिक्षित करने के लिए केवल घरेलू कामों का डेटा ही नहीं जुटाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में शेन्जेन की टेक्नोलॉजी कंपनी फाइसेन एआई ने एक सफाई कंपनी के साथ साझेदारी की थी। इसके तहत सड़क साफ करने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों को डेटा जुटाने वाले उपकरणों की मदद से रिकॉर्ड किया गया।
सड़क पर झाड़ू लगाने और इलेक्ट्रिक बाइक जैसी चलती वस्तुओं के आसपास काम करते समय कर्मचारियों की गतिविधियां रोबोट को वास्तविक दुनिया के हालात समझने में मदद कर सकती हैं। इसका उद्देश्य रोबोट को बदलते वातावरण के अनुसार अपनी गतिविधियां समायोजित करना सिखाना है।
क्या भविष्य में रोबोट इंसानों की जगह ले लेंगे?
रोबोट ट्रेनर की नौकरियां कुछ लोगों के लिए कमाई का नया अवसर हैं, लेकिन यह काम दोहराव वाला और थकाऊ भी हो सकता है। एक ओर इंसान अपनी गतिविधियों का डेटा देकर रोबोट को घरेलू काम सिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तकनीक आगे बढ़ने के साथ ऐसे रोबोट इन कामों को खुद करने में सक्षम हो सकते हैं।
इससे भविष्य में रोजगार को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, रोबोट ट्रेनिंग के क्षेत्र में नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं, जैसे डेटा तैयार करना, रोबोट की कार्यक्षमता जांचना और मशीनों को प्रशिक्षित करना। आने वाले समय में यह तकनीक रोजगार के स्वरूप को किस हद तक बदलेगी, यह रोबोटिक्स के विकास और कंपनियों में इसके वास्तविक इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।