झाग स्प्रे किया और बन गई मजबूत ईंट! ऐसे तैयार होते हैं CLC फोम ब्लॉक्स

झाग स्प्रे किया और बन गई मजबूत ईंट! ऐसे तैयार होते हैं CLC फोम ब्लॉक्स

📅 September 27, 2026 🏷️ Technology/Science ✍️ NewsTime Editorial
घर बनाने में ईंटों का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है, लेकिन निर्माण तकनीक बदलने के साथ पारंपरिक लाल ईंटों के विकल्प भी सामने आ रहे हैं। इन्हीं में फोम कंक्रीट ब्लॉक्स या सेल्युलर लाइटवेट कंक्रीट यानी CLC ब्लॉक्स शामिल हैं। इन ब्लॉक्स को बनाने में खास तरह के झाग का इस्तेमाल किया जाता है और इन्हें आग में पकाने की जरूरत नहीं होती।

फोम से तैयार होती हैं ये ईंटें
फोम कंक्रीट ब्लॉक्स को बनाने के लिए सबसे पहले सीमेंट, पानी और महीन रेत या फ्लाई ऐश को मिक्सर में मिलाकर एक गाढ़ी स्लरी तैयार की जाती है। इसके बाद पानी और खास फोमिंग एजेंट की मदद से फोम जनरेटर मशीन में झाग तैयार किया जाता है। यह झाग काफी घना होता है और देखने में शेविंग क्रीम जैसा लग सकता है।

झाग को सीमेंट के घोल में मिलाया जाता है
तैयार फोम को पाइप या स्प्रे नोजल के जरिए सीमेंट की स्लरी में मिलाया जाता है। मिक्सर को धीरे-धीरे चलाया जाता है ताकि फोम के छोटे-छोटे बुलबुले मिश्रण में समान रूप से फैलें और ज्यादा न टूटें। यही हवा के बुलबुले बाद में ब्लॉक को हल्का बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सांचे में डालकर तैयार किया जाता है ब्लॉक
फोम और सीमेंट का मिश्रण एकसमान होने के बाद इसे बड़े-बड़े ब्लॉक या ईंट के आकार के सांचों में डाला जाता है। मिश्रण को करीब 24 घंटे तक छोड़ने पर यह शुरुआती रूप से सख्त हो जाता है। इसके बाद सांचे खोलकर ब्लॉक्स को बाहर निकाला जाता है। पूरी मजबूती हासिल करने के लिए इन्हें कुछ दिनों या हफ्तों तक पानी से क्योरिंग या स्टीम चैंबर जैसी प्रक्रिया से तैयार किया जा सकता है।

क्यों हल्की होती हैं CLC ईंटें?
इन ब्लॉक्स के अंदर फोम की वजह से बहुत सारे छोटे-छोटे हवा के बुलबुले बन जाते हैं। इसी वजह से इनका वजन पारंपरिक ठोस निर्माण सामग्री की तुलना में कम हो सकता है। बड़े आकार के ब्लॉक्स होने के कारण कुछ निर्माण कार्यों में इन्हें लगाने में भी समय और सामग्री की बचत हो सकती है।

थर्मल इंसुलेशन में भी मदद
ब्लॉक्स के अंदर मौजूद हवा के छोटे बुलबुले गर्मी के ट्रांसफर को कम करने में मदद करते हैं। इस वजह से CLC ब्लॉक्स का इस्तेमाल कुछ ऐसी दीवारों में किया जाता है जहां थर्मल इंसुलेशन की जरूरत होती है। इससे भवन के अंदर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

कहां किया जाता है इस्तेमाल?
CLC ब्लॉक्स का इस्तेमाल कई तरह के निर्माण कार्यों में किया जाता है। खास तौर पर पार्टिशन दीवारों और नॉन-लोड-बेयरिंग दीवारों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। जहां कम वजन, थर्मल इंसुलेशन या साउंड इंसुलेशन जैसी जरूरत हो, वहां भी इन ब्लॉक्स को एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

पारंपरिक लाल ईंट से अलग है तकनीक
पारंपरिक लाल ईंटों को आम तौर पर मिट्टी से तैयार करके भट्ठे में पकाया जाता है। इसके मुकाबले CLC ब्लॉक्स को फोम, सीमेंट और दूसरे मिश्रण से तैयार किया जाता है और इन्हें उसी तरह भट्ठे में पकाने की जरूरत नहीं होती। यही वजह है कि निर्माण क्षेत्र में हल्के और बड़े आकार के ब्लॉक्स के रूप में इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है।

हर जगह एक जैसा इस्तेमाल नहीं
CLC ब्लॉक्स हल्के होने और इंसुलेशन जैसे फायदे देने के बावजूद हर तरह के निर्माण के लिए एक जैसे उपयुक्त नहीं होते। किसी बिल्डिंग में इनके इस्तेमाल का फैसला डिजाइन, लोड, स्थानीय बिल्डिंग कोड और इंजीनियर की सलाह के आधार पर किया जाता है। खास तौर पर लोड-बेयरिंग निर्माण में ब्लॉक की निर्धारित मजबूती और डिजाइन आवश्यकताओं की जांच जरूरी होती है।

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