हैकिंग करता पाया गया Google का AI! Gemini ने 3 कंपनियों के सिस्टम में लगाई सेंध

हैकिंग करता पाया गया Google का AI! Gemini ने 3 कंपनियों के सिस्टम में लगाई सेंध

📅 September 20, 2026 🏷️ Technology/AI ✍️ NewsTime Editorial
साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में Gemini ने की सेंधमारी

Google के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल Gemini ने साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान ऐसा व्यवहार किया, जिसने AI की बढ़ती क्षमताओं और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक सामान्य सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान Gemini ने इंटरनेट पर मौजूद सार्वजनिक जानकारी को इकट्ठा किया और कुछ क्रेडेंशियल का अनुमान लगाया। इसके बाद AI मॉडल ने तीन कंपनियों की वेबसाइटों या सिस्टम में सेंध लगाकर वहां तक पहुंच बना ली।

मई में हुई थी घटना

यह घटना मई में हुई थी, जब एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी Gemini की क्षमताओं का परीक्षण कर रही थी। Google की सिक्योरिटी इंजीनियरिंग की वाइस प्रेसिडेंट हेथर एकिंस के मुताबिक, टेस्टिंग के दौरान Gemini ने खुद कई ऐसे कदम उठाए जिनके जरिए उसने संबंधित सिस्टम तक पहुंच हासिल की।

बताया गया कि AI मॉडल ने पहले इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी को इकट्ठा किया और फिर क्रेडेंशियल का अनुमान लगाया। इसके बाद उसने तीन अलग-अलग वेबसाइटों के सिस्टम में प्रवेश कर लिया।

Google ने संबंधित कंपनियों को दी जानकारी

हेथर एकिंस के मुताबिक, Google ने यह सुनिश्चित किया कि जिन तीन संस्थाओं के सिस्टम प्रभावित हुए, उन्हें इस घटना की जानकारी दी जाए। इसके बाद Google ने अपने प्रशिक्षण साझेदार के साथ मिलकर टेस्टिंग और सुरक्षा प्रक्रिया में बदलाव पर भी काम किया।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि जैसे-जैसे AI मॉडल अधिक सक्षम होते जा रहे हैं, उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से काम करने के लिए नियंत्रित करना कितना चुनौतीपूर्ण होगा। खासतौर पर साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र में AI की क्षमताएं सुरक्षा मजबूत करने के साथ-साथ संभावित जोखिम भी पैदा कर सकती हैं।

AI के गलत इस्तेमाल का डर

Google अकेली कंपनी नहीं है जो बेहद शक्तिशाली AI मॉडल विकसित कर रही है। OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां भी एडवांस्ड AI सिस्टम पर काम कर रही हैं। इन मॉडलों का इस्तेमाल साइबर सिक्योरिटी में कमजोरियों की पहचान करने और कंपनियों के सिस्टम की सुरक्षा जांचने के लिए किया जा सकता है।

Anthropic का Claude मॉडल भी कंपनियों के सिस्टम की समीक्षा और संभावित कमजोरियों का पता लगाने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी तकनीक का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई जाती रही है।

अगर शक्तिशाली AI मॉडल गलत हाथों में पहुंचते हैं, तो उनकी क्षमताओं का इस्तेमाल सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि AI के विकास के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, निगरानी, जिम्मेदार इस्तेमाल और सुरक्षा उपायों पर भी जोर बढ़ रहा है।

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