'मुझे मरने में भी सुकून मिलेगा', 50 साल तक मौत का इंतजार करता रहा ये कैदी
फ्लोरिडा में दी गई मौत की सजा
हेरोल्ड जीन लुकास को फ्लोरिडा स्टेट जेल में शाम करीब 6:18 बजे तीन दवाओं के जरिए मृत्युदंड दिया गया। सजा के दौरान पीड़िता जिल पाइपर का भाई भी उस कमरे में मौजूद था, जहां से उसने अपनी बहन के हत्यारे की मौत देखी।
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस के कार्यालय के मुताबिक, फांसी की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। हालांकि, मौत से पहले लुकास द्वारा कही गई बात ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया।
50 साल तक डेथ रो में रहा लुकास
लुकास करीब पांच दशक तक डेथ रो यानी मौत की सजा पाने वाले कैदियों के लिए निर्धारित जेल में रहा। जब उसका डेथ वारंट जारी हुआ तो उसने आखिरी समय में अपनी कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। उसने जज से कहा कि वह अपने सभी बचे हुए कानूनी अधिकार छोड़ना चाहता है।
लुकास ने कहा कि वह 50 साल से डेथ रो पर है और अब इस मामले को आगे नहीं ले जाना चाहता। उसका कहना था कि जितनी जल्दी यह खत्म हो जाए, उतना अच्छा है और वह इसका मजा लेगा। हालांकि, यह रवैया उसके पिछले कानूनी सफर से काफी अलग था, क्योंकि उसने वर्षों तक अपनी मौत की सजा को रोकने के लिए कई कानूनी कोशिशें की थीं।
16 साल की जिल पाइपर को बनाया था निशाना
यह मामला साल 1976 का है। उस समय लुकास 24 साल का था और फ्लोरिडा के बोनिता स्प्रिंग्स में जिल पाइपर के परिवार के लिए काम कर चुका था। वह जिल को करीब चार साल से जानता था और दोनों पहले डेट भी कर चुके थे। लुकास ने एक दोस्त से यह तक कहा था कि वह जिल से शादी करना चाहता है।
बाद में दोनों के रिश्ते खराब हो गए और जिल ने उसके व्यवहार के कारण उससे दूरी बना ली। अगस्त 1976 में लुकास को जिल के घर में घुसने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद दोनों के बीच एक ही दिन में दो बार विवाद हुआ। बाद में गवाहों ने अदालत में बताया कि बातचीत बिगड़ने के बाद लुकास ने जिल को जान से मारने की धमकी दी थी।
नशे में था और दोस्तों से की थी धमकी
14 अगस्त 1976 की रात जिल अपने दोस्तों के साथ डांस करने गई थी। वह करीब आधी रात को घर लौटी। उसके साथ 17 वर्षीय टेरी राइस और 19 वर्षीय रिचर्ड बर्ड जूनियर भी थे। जिल लुकास से डरी हुई थी, इसलिए उसने दोनों दोस्तों से रात में उसके घर पर रुकने को कहा था। लेकिन लुकास पहले से वहां मौजूद था।
अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, हत्या वाली रात लुकास ने शराब पी रखी थी और नशीली दवाएं भी ली थीं। इससे पहले एक पेट्रोल पंप पर उसका झगड़ा भी हुआ था। उसने अपने दोस्तों से कहा था कि वह जिल को गड्ढे में डाल देगा। इसके कुछ समय बाद उसने जिल और उसके दोस्तों पर हमला कर दिया।
पीछे से चार गोलियां मारने के बाद किया हमला
लुकास ने जिल की पीठ में चार गोलियां मारीं। टेरी और रिचर्ड जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे और मदद के लिए फोन करने लगे। घायल जिल भी अपनी जान बचाने के लिए अंदर की ओर भागी। लेकिन लुकास ने उसका पीछा किया और उसे खींचकर दोबारा बाहर ले आया।
इसके बाद उसने जिल को तीन और गोलियां मारीं। इनमें से एक गोली उसके सिर के पिछले हिस्से में लगी और वही जानलेवा साबित हुई। लुकास ने जिल के दोस्तों पर भी गोली चलाई। रिचर्ड के पेट और टेरी के कूल्हे में गोली लगी, लेकिन दोनों इस हमले में बच गए। लुकास को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
एक ही मामले में चार बार मिली मौत की सजा
लुकास को पहली बार मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उसकी कानूनी लड़ाई कई वर्षों तक चलती रही। अदालती और प्रक्रियात्मक गलतियों के कारण कई बार उसकी मौत की सजा रद्द हुई। इसके बाद उसे दोबारा सजा सुनाई गई और कुल मिलाकर उसे चार बार डेथ सेंटेंस दिया गया।
इसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण 1976 में हुई हत्या के बाद लुकास को फांसी दिए जाने में करीब पांच दशक लग गए। 1987 में हुए मुकदमे के दौरान अभियोजक जॉन डोमरिच ने जिल की हत्या को एक फांसी जैसा बताया था। उन्होंने जूरी से कहा था कि जिल ने अपनी जान की भीख मांगी थी, लेकिन लुकास ने उसे मार डाला।
फांसी से पहले क्या किया?
फांसी वाले दिन लुकास सुबह 5:45 बजे उठा था। बाद में उसकी बहन उससे मिलने जेल पहुंची। उसका आखिरी खाना स्टेक और फ्राइज था। उसने फांसी से पहले किसी धार्मिक या आध्यात्मिक सलाहकार से मुलाकात नहीं की। शाम करीब 6 बजे फांसी की प्रक्रिया शुरू हुई और 6:18 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
लुकास इस साल फ्लोरिडा में मौत की सजा पाने वाला 14वां कैदी था। राज्य के गवर्नर रॉन डेसेंटिस दो और डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिनकी फांसी की तारीखें सितंबर 2026 में बाद में तय हैं।