3.3 करोड़ रुपये यानी करीब 3,50,000 डॉलर सालाना सैलरी और गूगल जैसी दुनिया की बड़ी टेक कंपनी में नौकरी। आमतौर पर ऐसी नौकरी को करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन केविन नॉटन जूनियर ने इस शानदार पैकेज को छोड़कर अपने सपने को चुनने का फैसला किया। केविन के मुताबिक, गूगल में काम करना उनके लिए शानदार अनुभव था, लेकिन नौकरी के शुरुआती दिनों से ही उनके मन में खुद का कुछ बनाने की इच्छा थी। वह हमेशा किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना बिजनेस और प्रोडक्ट बनाने का सपना देखते थे। हालांकि, नौकरी छोड़ने का फैसला अचानक नहीं हुआ। साल 2022 में उनके पिता का निधन हुआ, जिसने उनकी जिंदगी और सोच को गहराई से प्रभावित किया। इस घटना के बाद केविन को महसूस हुआ कि जिंदगी बहुत छोटी है और इंसान को वह काम करना चाहिए, जिसमें उसे वास्तव में खुशी मिलती है। इसके बाद उन्होंने सिर्फ बड़ी सैलरी के लिए नौकरी में बने रहने के बजाय अपने सपने को प्राथमिकता देने का फैसला किया। केविन यह भी बताते हैं कि वह बहुत ज्यादा रिस्क लेने वाले व्यक्ति नहीं हैं। लेकिन उनके पास इतनी बचत थी कि नौकरी छोड़ने के बाद भी वह कई वर्षों तक अपने खर्च संभाल सकते थे। इसी दौरान उनके एक करीबी दोस्त ने उन्हें सलाह दी कि अगर उनकी बचत उन्हें करीब तीन साल तक बिना नौकरी के रहने की आजादी दे सकती है, तो उन्हें इस समय का इस्तेमाल अपना काम शुरू करने के लिए करना चाहिए। दोस्त की इस सलाह ने केविन को अंतिम फैसला लेने में मदद की। इसके बाद उन्होंने गूगल की नौकरी छोड़ दी और अपने स्टार्टअप पर काम करना शुरू कर दिया। उनके इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे साहसिक फैसला बता रहे हैं और अपने सपने को प्राथमिकता देने के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं। केविन नॉटन जूनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर गूगल और अमेजन में काम कर चुके हैं। उन्होंने द डेली बाइट नाम से कोडिंग इंटरव्यू की तैयारी कराने वाला प्लेटफॉर्म भी बनाया है और हजारों डेवलपर्स तथा प्रोफेशनल्स को मेंटर किया है। उनकी कहानी यह सवाल खड़ा करती है कि करियर में सफलता का मतलब सिर्फ बड़ी सैलरी और सुरक्षित नौकरी है या फिर अपने पसंदीदा काम को करने की आजादी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केविन ने अपनी आर्थिक सुरक्षा और अनुभव का इस्तेमाल अपने सपने को आजमाने के लिए किया और एक सुरक्षित करियर से निकलकर उद्यमिता की राह चुन ली।