मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास
मेसी ने अपनी आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि स्पेन के खिलाफ फाइनल मैच हारने के दो दिन बाद ही उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया था। हालांकि, हाल ही में पिता के निधन के बाद उनका यह निर्णय और पक्का हो गया।
मेसी ने कहा कि यह फैसला लेना उनके लिए बेहद मुश्किल था और आज भी उन्हें इसका दुख है, लेकिन उन्हें लगता है कि अब यही सही समय है। उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा अपना सब कुछ देने की बात कही।
मेसी ने अपने संदेश में उम्र और समय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब उनके पास अर्जेंटीना की टीम को देने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है और देश में कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी मौजूद हैं, जो इस मौके के हकदार हैं।
20 साल का यादगार सफर
लियोनेल मेसी का अर्जेंटीना के साथ सफर करीब दो दशकों तक चला। इस दौरान उन्होंने टीम के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे। शुरुआती दौर में मिली निराशाओं के बाद मेसी ने अर्जेंटीना के साथ बड़े खिताब जीतकर अपने आलोचकों को जवाब दिया। उनके करियर में अर्जेंटीना के साथ हासिल की गई सफलताएं बेहद खास रही हैं।
मेसी ने अपने संदेश में उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस लंबे सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने अपने परिवार, कोचों, टीम के साथियों और प्रशंसकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस जर्सी के लिए मिले प्यार को वह कभी नहीं भूलेंगे।
अब स्टैंड्स से करेंगे अर्जेंटीना को चीयर
मेसी ने कहा कि अब वह मैदान के अंदर से नहीं बल्कि स्टैंड्स में बैठकर अर्जेंटीना की टीम को चीयर करेंगे। यानी भविष्य में वह अपनी राष्ट्रीय टीम को खिलाड़ी के रूप में नहीं बल्कि एक प्रशंसक के तौर पर सपोर्ट करते नजर आएंगे।
मेसी ने अपने संन्यास को भारी मन लेकिन गर्व के साथ लेने की बात कही। उनका कहना था कि उन्होंने अपने देश को ऐसे कई पल दिए, जिनका कभी सपना देखा जाता था। अर्जेंटीना के लिए उनकी उपलब्धियां और उनके द्वारा बनाए गए यादगार पल फुटबॉल इतिहास में लंबे समय तक याद किए जाएंगे।
अर्जेंटीना की जर्सी को अलविदा कहते हुए मेसी ने भगवान, परिवार, कोचों और साथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें अर्जेंटीनियन बनाने के लिए शुक्रिया। अपने संदेश के अंत में उन्होंने अर्जेंटीना के लिए अपना समर्थन जारी रखते हुए कहा, 'लेट्स गो, अर्जेंटीना!'
मेसी का यह फैसला दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए भावुक कर देने वाला है। इंटरनेशनल फुटबॉल में उनका योगदान बेहद खास रहा है और अर्जेंटीना की टीम के साथ उनका नाम हमेशा फुटबॉल के सबसे महान अध्यायों में गिना जाएगा।