कर्नाटक के मांड्या जिले में एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके किराए के घर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने का मामला सामने आया है। मृतक महिला की पहचान हूर उन्निसा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह भीख मांगकर अपना गुजारा करती थीं। उनकी मौत के बाद जब स्थानीय लोगों ने घर की तलाशी ली तो वहां बड़ी संख्या में नकदी से भरे बैग देखकर सभी हैरान रह गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हूर उन्निसा गुथालू इलाके में अपनी बहन के साथ रहती थीं। दोनों बहनें अविवाहित थीं। उनकी बहन की मौत के बाद हूर उन्निसा अकेले इसी किराए के घर में रह रही थीं। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते रविवार को उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों ने जब घर की तलाशी ली तो कथित तौर पर 30 से अधिक बैग मिले। इन बैगों में नकदी रखी हुई थी। स्थानीय समुदाय के नेताओं के शुरुआती अनुमान के मुताबिक घर से बरामद रकम 30 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। बताया गया है कि रविवार को करीब 8 से 9 लाख रुपये की नकदी गिनी जा चुकी थी, जबकि लगभग 20 बैगों में रखी बाकी रकम की गिनती अभी पूरी नहीं हुई थी। नकदी की इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर जताई जा रही है कि जिस महिला के बारे में बताया जा रहा है कि वह भीख मांगकर अपना जीवन चलाती थीं, उनके घर में इतनी बड़ी रकम कैसे जमा हुई। फिलहाल इस रकम के स्रोत को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी पता नहीं चल पाया है कि हूर उन्निसा ने इतनी बड़ी रकम कितने समय में जमा की थी और उन्होंने इसे बैंक या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय घर में ही क्यों संभालकर रखा। घर से मिली नकदी को फिलहाल गुथालू की मस्जिद को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। मुस्लिम समुदाय के स्थानीय नेताओं ने महिला के रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि बाकी नकदी की गिनती रिश्तेदारों की मौजूदगी में की जाएगी। इसके बाद ही पूरी रकम की सही जानकारी सामने आ सकेगी। साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि इतनी बड़ी नकदी पर कानूनी रूप से किसका अधिकार है। मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि क्या महिला ने यह पैसा अपनी जिंदगी के दौरान भीख मांगकर धीरे-धीरे जमा किया था या इसके पीछे कोई दूसरा स्रोत था। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन पूरी सच्चाई नकदी की गिनती, रिश्तेदारों के बयान और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आ सकती है। 30 से अधिक बैगों में नकदी मिलने की जानकारी ने इस घटना को और भी चौंकाने वाला बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बाकी रकम की गिनती के बाद कुल कितनी नकदी बरामद होती है और जांच में इस पैसे के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।