नवजात की घनी मूंछें देख चकराए लोग, वायरल वीडियो असली है या AI का कमाल?
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नवजात बच्चे का वीडियो चर्चा में है। वीडियो में बच्चा अस्पताल के बिस्तर पर कपड़े में लिपटा दिखाई देता है। उसके ऊपरी होंठ पर घनी काली मूंछों जैसी बनावट और ठुड्डी पर भी बाल नजर आते हैं। बच्चे के चेहरे का यह असामान्य लुक देखकर लोग हैरान हैं और वीडियो को बार-बार देख रहे हैं। हालांकि, अब तक इस वीडियो की वास्तविकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर मजेदार कमेंट्स
वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग बच्चे के चेहरे की तुलना किसी बड़ी उम्र के व्यक्ति से कर रहे हैं, तो कुछ मजाक में कह रहे हैं कि बच्चा पैदा होते ही नौकरी और जिंदगी की परेशानियों से थक गया है। वहीं, कई यूजर्स ने वीडियो को AI से बनाया गया या डिजिटल तरीके से बदला हुआ बताया है। इस तरह वीडियो की असलियत को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
क्या नवजात के चेहरे पर बाल हो सकते हैं?
नवजात बच्चों के शरीर पर बारीक और मुलायम बाल होना सामान्य हो सकता है। गर्भ में बच्चे के विकास के दौरान उगने वाले इन बालों को लैनुगो (Lanugo) कहा जाता है। ये बाल जन्म के समय दिखाई दे सकते हैं और आमतौर पर धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। हालांकि, लैनुगो बहुत बारीक और मुलायम होते हैं। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घनी और गहरी काली मूंछों जैसी बनावट को केवल देखकर सामान्य बाल नहीं माना जा सकता।
क्या AI से बदला गया है बच्चे का चेहरा?
आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स की मदद से तस्वीरों और वीडियो में चेहरे, बाल और दूसरी विशेषताओं को बदला जा सकता है। कुछ डिजिटल बदलाव इतने वास्तविक लगते हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है। इस वीडियो को लेकर भी AI फिल्टर या एडिटिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केवल वीडियो में दिखाई देने वाली बनावट या हलचल के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि इसे AI से बनाया गया है।
वीडियो की सच्चाई अभी स्पष्ट नहीं
वीडियो कहां बनाया गया, बच्चे की पहचान क्या है और उसके परिवार या डॉक्टरों ने इस बारे में कोई जानकारी दी है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे वास्तविक घटना मानना या निश्चित रूप से AI से तैयार किया गया वीडियो बताना उचित नहीं होगा। इसकी पुष्टि के लिए विश्वसनीय स्रोतों या संबंधित लोगों की जानकारी जरूरी है।
वायरल वीडियो शेयर करने से पहले करें पुष्टि
सोशल मीडिया पर चौंकाने वाले वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, लेकिन हर वायरल वीडियो वास्तविक हो, यह जरूरी नहीं है। AI और डिजिटल एडिटिंग के दौर में वीडियो को बिना जांचे सच मान लेना भ्रामक हो सकता है। नवजात की घनी मूंछों वाला वीडियो भी फिलहाल इसी सवाल के घेरे में है। इसकी सच्चाई की पुष्टि होने तक इसे अपुष्ट वायरल वीडियो के रूप में ही देखना बेहतर है।