35 हजार फीट की ऊंचाई पर फ्लाइट में मिली पहेली, जवाब में छिपा है JRD टाटा का नाम
हवाई जहाज में सफर के दौरान यात्री अक्सर फिल्में देखते हैं, गाने सुनते हैं या चाय-कॉफी पीकर समय बिताते हैं। लेकिन एयर इंडिया की एक फ्लाइट में चाय पीते समय एक यात्री को ऐसी पहेली मिली, जिसने सफर को और दिलचस्प बना दिया। चम्मच और दूसरे खाने के सामान की पैकिंग पर कुछ नंबर लिखे थे। इन्हीं नंबरों के पीछे एक खास नाम छिपा हुआ था।
चम्मच की पैकिंग पर लिखा था खास कोड
रितेश नाम के एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पहेली की तस्वीर साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें यह ब्रेन टीजर करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर फ्लाइट में चाय पीते समय मिला। उन्होंने लोगों को चुनौती दी कि वे गूगल पर जवाब खोजे बिना इस कोड को हल करने की कोशिश करें। पैकिंग पर 10 27 18 27 27 4 20-1-20-1 जैसे नंबर लिखे थे, जिन्हें देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि आखिर इनका मतलब क्या है।
कैसे हल होती है यह पहेली?
इस पहेली को समझने के लिए अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों को नंबर से जोड़ना होता है। इसमें A को 1, B को 2, C को 3 और इसी क्रम में Z को 26 माना जाता है। पैकिंग पर दिए गए कोड में 27 का इस्तेमाल पूर्ण विराम यानी फुल स्टॉप के लिए किया गया है। इन नंबरों को अक्षरों में बदलने पर एक खास नाम सामने आता है।
जवाब है J.R.D. टाटा
इस पहेली का जवाब जे.आर.डी. टाटा (J.R.D. Tata) है। उनका पूरा नाम जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा था। वह भारत में नागरिक विमानन के विकास से जुड़ी प्रमुख हस्तियों में शामिल थे। साल 1932 में उन्होंने टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर एयर इंडिया के नाम से जानी गई।
भारत के विमानन इतिहास से जुड़ा नाम
जे.आर.डी. टाटा का योगदान भारतीय विमानन इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। टाटा एयरलाइंस की शुरुआत ने देश में हवाई यात्रा के विकास की दिशा में अहम भूमिका निभाई। इस तरह एयर इंडिया की फ्लाइट में पैकिंग पर छिपा यह नाम यात्रियों के लिए केवल एक मनोरंजक पहेली नहीं, बल्कि भारत के विमानन इतिहास की एक प्रमुख शख्सियत को याद करने का मौका भी बन गया।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस पहेली को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने जवाब खोजने की कोशिश की और इसके पीछे छिपे नाम पर प्रतिक्रियाएं दीं। रोजमर्रा की किसी चीज पर इस तरह का ब्रेन टीजर यात्रियों के लिए सफर के दौरान मनोरंजन का एक छोटा-सा जरिया बन सकता है।