अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और श्रीनगर पहुंचने के बाद कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद अहम हिस्सा है। भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थिति पर अमेरिकी दूत का यह बयान काफी मजबूत समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी से पाकिस्तान नाराज हो गया और इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स यानी कार्यवाहक राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। आर्टिकल 370 हटने और हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह पहला कश्मीर दौरा बताया जा रहा है। श्रीनगर पहुंचने के बाद अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में कश्मीर के विकास, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के नए अवसरों पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि बैठक का मुख्य केंद्र कश्मीर के विकास से जुड़े मुद्दे और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को और मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की गई। श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद सर्जियो गोर ने कहा कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा बताया और कहा कि वह पहली बार यहां आए हैं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की भी तारीफ की और बैठक को गर्मजोशी भरी तथा दोस्ताना बताया। अमेरिकी राजदूत का यह दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले पंद्रह से अधिक वर्षों में यह पहला मौका बताया जा रहा है जब किसी सेवारत अमेरिकी राजदूत और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के बीच सीधी बैठक हुई है। इससे पहले 2011 में तत्कालीन अमेरिकी दूत टिमोथी रोएमर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। वहीं 2018 के बाद यह किसी अमेरिकी राजदूत का पहला स्वतंत्र कश्मीर दौरा बताया जा रहा है। यात्रा के बाद अमेरिकी दूत के लद्दाख जाने का भी कार्यक्रम है। सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाले बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को खारिज करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित क्षेत्र बताया। इस्लामाबाद ने कहा कि यह बयान उसके अनुसार तथ्यों के विपरीत है और जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे रुख के खिलाफ है। पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि यह बयान संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। भारत लंबे समय से जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताता रहा है। पाकिस्तान ने सर्जियो गोर के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर पर अमेरिका के पुराने रुख को नुकसान पहुंचता है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान अमेरिका नहीं, बल्कि भारत सरकार और देश के भीतर ही होना है। उन्होंने कहा कि अपनी समस्याओं का समाधान देश को खुद करना चाहिए और किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने अपने देश की शिकायत करना उनकी आदत नहीं है। उमर अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी दूत के सामने किसी तरह की शिकायत लेकर नहीं गए थे। मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि श्रीनगर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करना सुखद रहा। उन्होंने कहा कि बैठक में जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव को और मजबूत करने की संभावनाओं पर अच्छी चर्चा हुई। उन्होंने आगे भी इस बातचीत और जुड़ाव को जारी रखने की उम्मीद जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले सर्जियो गोर इस यात्रा के दौरान स्थानीय व्यापार संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस दौरे को दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।