चीन में खुली 'खुजली करने की दुकान', पीठ खुजाने की सर्विस से हर महीने ₹14-15 लाख की कमाई

चीन में खुली 'खुजली करने की दुकान', पीठ खुजाने की सर्विस से हर महीने ₹14-15 लाख की कमाई

📅 September 5, 2026 🏷️ World ✍️ NewsTime Editorial
आमतौर पर खुजली होने पर लोग खुद ही हाथ से खुजली कर लेते हैं या घर में किसी से पीठ खुजाने के लिए कह देते हैं। लेकिन चीन में एक शख्स ने इसी रोजमर्रा की जरूरत को अनोखे बिजनेस में बदल दिया। उसने बाकायदा 'खुजली करने की दुकान' खोल दी, जहां ग्राहक पैसे देकर अपनी पीठ और शरीर के अलग-अलग हिस्से खुजवा सकते हैं।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले 32 साल के झांग शियाओचियाओ ने यह अनोखा बिजनेस शुरू किया है। उन्होंने मई 2026 की शुरुआत में शेनझेन के बाओआन जिले में पहली दुकान खोली थी। इसके करीब एक महीने बाद फुतियान जिले में दूसरी ब्रांच भी शुरू कर दी गई। दोनों दुकानें सुमा नाम से चल रही हैं।

खुजली करने की एक घंटे की फीस 300 युआन

इस दुकान का सेटअप कुछ-कुछ मसाज सेंटर जैसा है। ग्राहक आरामदायक बेड पर पेट के बल लेटते हैं और कर्मचारी खास डिजाइन के नुकीले नेल्स पहनकर उनकी पीठ और शरीर को धीरे-धीरे खुजाते हैं। ग्राहक यह भी बता सकते हैं कि उन्हें शरीर के किस हिस्से में खुजली करवानी है। एक घंटे की इस सर्विस के लिए करीब 300 युआन यानी लगभग ₹3,500 से ₹4,200 तक की कीमत बताई गई है।

इस सर्विस का मकसद सिर्फ खुजली मिटाना नहीं है। झांग का दावा है कि इससे लोगों को आराम करने, तनाव कम करने और बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है। कई बार शरीर के किसी खास हिस्से पर खुजली करवाने के दौरान ग्राहक हंस भी पड़ते हैं। कुछ ग्राहकों ने इसे सामान्य मसाज से भी ज्यादा आरामदायक बताया है।

इस अनोखे बिजनेस के ग्राहक कौन हैं?

झांग के मुताबिक, उनके सेंटर पर पुरुष और महिलाएं दोनों ग्राहक आते हैं। हालांकि पुरुष ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उनके अनुसार, करीब 70 फीसदी ग्राहक पुरुष हैं। उनका मानना है कि चीन के बड़े शहरों में कामकाजी जिंदगी काफी तनावपूर्ण है और लोग तनाव कम करने के लिए नए तरह के रिलैक्सेशन अनुभवों पर पैसा खर्च करने को तैयार हैं।

झांग का कहना है कि कई ग्राहक पहली बार अनुभव लेने के बाद दोबारा भी उनकी दुकान पर लौटते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि चीन में पहले इस तरह की सर्विस का कोई स्थापित मॉडल नहीं था। इसलिए उन्हें खुद ही यह समझना पड़ा कि किस तरह से खुजली की जाए, कितना दबाव रखा जाए और कौन सी तकनीक ग्राहक को ज्यादा आराम दे सकती है।

दो दुकानों से हर महीने ₹14-15 लाख की कमाई

इस अनोखे बिजनेस की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी कमाई है। झांग की दोनों दुकानों से हर महीने कुल करीब 1 लाख युआन यानी लगभग ₹14-15 लाख का सकल राजस्व होने का दावा किया जा रहा है। झांग का कहना है कि दोनों आउटलेट अब अपने खर्च निकालने की स्थिति में पहुंच चुके हैं और मुनाफा भी कमाने लगे हैं।

हालांकि, यह रकम ग्रॉस रेवेन्यू है, शुद्ध मुनाफा नहीं। इसमें कर्मचारियों की सैलरी, दुकान का किराया और दूसरे कारोबारी खर्च शामिल होते हैं। इसके बावजूद रोजमर्रा की एक साधारण जरूरत को पेड सर्विस में बदलकर इतना राजस्व हासिल करना इस बिजनेस आइडिया को खास बनाता है।

सोशल मीडिया वीडियो से आया आइडिया

झांग कोई पहली बार बिजनेस नहीं कर रहे थे। वह चीन के हुबेई प्रांत से हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक साल में सात अलग-अलग नौकरियां आजमाईं। 30 साल की उम्र से पहले उन्होंने क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स के क्षेत्र में दो कंपनियां शुरू कीं, लेकिन दोनों कंपनियां उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े कंटेंट यानी वी-मीडिया के क्षेत्र में भी काम किया, लेकिन वहां भी खास सफलता नहीं मिली।

फिर पिछले साल सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियो देखते समय उनकी नजर एक वीडियो पर पड़ी। वीडियो में एक महिला अपने पति की पीठ खुजा रही थी। झांग ने देखा कि वीडियो के कमेंट्स में कई लोग लिख रहे थे कि अगर कोई उनके लिए ऐसा करे तो वे इसके पैसे देने के लिए तैयार हैं। यही बात झांग के दिमाग में बैठ गई।

इस वीडियो ने उन्हें अपने बचपन की एक याद भी दिला दी। उन्हें याद आया कि उनके पिता अक्सर उनकी पीठ खुजाया करते थे। इससे उन्हें काफी आराम मिलता था और कई बार वह आराम से सो जाते थे। इसी पुराने अनुभव को उन्होंने बिजनेस आइडिया में बदल दिया। उन्होंने सोचा कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी पीठ खुजाने के लिए हमेशा परिवार के किसी सदस्य की जरूरत न पड़े और इसके लिए प्रोफेशनल सर्विस उपलब्ध हो, तो लोग इसके लिए पैसे दे सकते हैं।

100 आउटलेट खोलने का लक्ष्य

झांग अब सिर्फ दो दुकानों तक सीमित नहीं रहना चाहते। उनका लक्ष्य पूरे चीन में करीब 100 आउटलेट खोलना है। वह चाहते हैं कि खुजली करने की सर्विस को सिर्फ किसी अजीब या वायरल बिजनेस आइडिया के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे एक व्यवस्थित सर्विस और पेशे के रूप में पहचान मिले।

इसके लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग, खुजाने की तय तकनीक और अलग-अलग सर्विस पैकेज तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल उनकी दो दुकानें चल रही हैं और ग्राहक दोबारा लौट रहे हैं। अब देखना यह होगा कि झांग का यह अनोखा आइडिया चीन के दूसरे शहरों तक कितना पहुंचता है और क्या एक दिन 'खुजली करना' भी बाकायदा एक पहचान वाला प्रोफेशन बन पाता है।

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