सऊदी पर हमला, सांसत में PAK! हूतियों के मिसाइल और ड्रोन अटैक से मचा हड़कंप

सऊदी पर हमला, सांसत में PAK! हूतियों के मिसाइल और ड्रोन अटैक से मचा हड़कंप

📅 September 9, 2026 🏷️ World ✍️ NewsTime Editorial
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर भड़क गया है। उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत की राजधानी अल-हज्म में एक जेल पर कथित सऊदी एयरस्ट्राइक के कुछ ही घंटों बाद हूतियों ने सऊदी अरब पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों ने दक्षिणी सऊदी अरब के अब्हा, खमिस मुशैत, नज्रान और जिजान शहरों को हिला दिया।

सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लगने की खबर है और कुछ जगहों पर कामकाज अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा।

पाकिस्तान पर भी बढ़ा कूटनीतिक दबाव

सऊदी अरब पर यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मक्का पैक्ट के जरिए मुस्लिम देशों के बीच एकजुटता और क्षेत्रीय स्थिरता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में हूतियों के हमले ने पाकिस्तान को भी कूटनीतिक दबाव में ला दिया है। सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के करीबी रिश्ते और मक्का पैक्ट में उसकी भूमिका के कारण अब उस पर इस बढ़ते संघर्ष को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने का दबाव बढ़ सकता है।

हूतियों ने बताया सऊदी हमलों का जवाब

हूतियों ने इन हमलों को सीधे तौर पर सऊदी अरब के हमले का जवाब बताया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सऊदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। उनके मुताबिक, निशाने पर सैन्य ठिकानों के साथ-साथ सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको से जुड़े ऊर्जा और आर्थिक प्रतिष्ठान भी थे।

हूतियों ने खमिस मुशैत में सैन्य अड्डे और अब्हा, नज्रान तथा जिजान में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

जेल पर हमले ने भड़काई आग

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार को अल-जौफ के अल-हज्म स्थित सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी जेल पर कथित सऊदी हवाई हमले से हुई। हूतियों ने आरोप लगाया कि इस एयरस्ट्राइक में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। हमले के बाद जेल का एक हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया।

हालांकि, सऊदी अरब ने जेल पर हमले के आरोप की अभी सार्वजनिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। इसलिए मृतकों और घायलों से जुड़े आंकड़े फिलहाल हूती पक्ष के दावों पर आधारित हैं।

तेल ठिकाने बने निशाना

हूती हमलों के बाद सबसे बड़ी चिंता सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर पड़े असर को लेकर है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र में कई तेल प्रतिष्ठानों और उपयोगिता केंद्रों में आग लगी। कुछ जगहों पर संचालन अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा।

जिजान में स्थित रिफाइनरी की क्षमता करीब 4 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है और यह सऊदी अरब की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल है। रियाद ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। दूसरी तरफ हूतियों ने संकेत दिया है कि सऊदी हमलों का जवाब आगे भी जारी रह सकता है।

तेल बाजार भी गरम

सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई और ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि अगर सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे और लाल सागर से जुड़े रास्तों पर हमले बढ़ते हैं, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है।

मक्का पैक्ट की असली परीक्षा

अब सबसे बड़ा सवाल मक्का डिफेंस पैक्ट को लेकर है। 7 अगस्त को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने एक समझौता किया था, जिसके तहत एक सदस्य पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। अब सऊदी अरब पर हूतियों के हमले के बाद यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान और तुर्की इस सामूहिक रक्षा सिद्धांत को किस तरह लागू करते हैं।

पाकिस्तान के सामने बड़ी दुविधा

पाकिस्तान के सामने इस पूरे मामले में बड़ी कूटनीतिक चुनौती है। अगर वह सऊदी अरब के साथ सीधे खड़ा होता है तो ईरान नाराज हो सकता है, क्योंकि हूती विद्रोहियों को ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है। दूसरी तरफ ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान पाकिस्तान की भूमिका मध्यस्थता की कोशिश करने वाले देश के तौर पर रही है।

ऐसे में सऊदी अरब का खुलकर साथ देना पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर दो पाटों के बीच फंसा सकता है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान का रुख इस पूरे क्षेत्रीय संकट में बेहद महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

Comments (0)

Leave a Comment



Related Articles