मगरमच्छों से भरी है ये खतरनाक नदी! पानी में कदम रखना तो दूर, आसपास जाने से भी डरते हैं लोग

मगरमच्छों से भरी है ये खतरनाक नदी! पानी में कदम रखना तो दूर, आसपास जाने से भी डरते हैं लोग

📅 October 1, 2026 🏷️ World/Interesting ✍️ NewsTime Editorial
ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसी नदी है, जहां मछलियों की तरह बड़ी संख्या में मगरमच्छ पाए जाते हैं। यह नदी इतनी खतरनाक मानी जाती है कि लोग इसमें उतरने से तो दूर, इसके आसपास जाने से भी सावधानी बरतते हैं। नाव या स्टीमर से सफर के दौरान भी खतरा बना रहता है, क्योंकि खारे पानी के मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर हमला कर सकते हैं।

मैरी नदी में मगरमच्छों का बसेरा
ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ टेरिटरी में बहने वाली मैरी नदी को मगरमच्छों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। नदी में मगरमच्छों की सटीक संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक यहां प्रति किलोमीटर औसतन करीब 15 खारे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं। इसी वजह से इस इलाके को मगरमच्छों के सबसे अधिक घनत्व वाले क्षेत्रों में शामिल किया जाता है।

नॉर्थ टेरिटरी में करीब एक लाख मगरमच्छ
अनुमान के मुताबिक पूरे नॉर्थ टेरिटरी में करीब एक लाख खारे पानी के मगरमच्छ मौजूद हैं। मैरी नदी के अलावा क्षेत्र की कई दूसरी नदियों में भी प्रति किलोमीटर औसतन कई मगरमच्छ पाए जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस इलाके में नदी और आसपास के पानी में जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

शैडी कैंप में सबसे ज्यादा घनत्व
मैरी नदी का शैडी कैंप इलाका भी मगरमच्छों के लिए जाना जाता है। यहां खारे पानी के मगरमच्छों का घनत्व बेहद ज्यादा बताया जाता है। ये मगरमच्छ करीब 28 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं। पानी के किनारे से हमला करते समय वे बेहद तेजी से दूरी तय कर सकते हैं और कुछ ही पलों में शिकार तक पहुंच सकते हैं।

पानी के पास जाना पड़ सकता है भारी
खारे पानी के मगरमच्छ बेहद ताकतवर शिकारी होते हैं। अगर कोई व्यक्ति लापरवाही से नदी के किनारे या पानी में चला जाए तो उसके लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। रिपोर्ट में इस इलाके से मगरमच्छों के हमलों और लोगों के लापता होने की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है।

मगरमच्छों से भरी नदी क्यों है खतरनाक?
मैरी नदी और उसके आसपास का इलाका मगरमच्छों के प्राकृतिक आवासों में शामिल है। पानी, दलदली क्षेत्र और आसपास का वातावरण इन शिकारियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराता है। यही कारण है कि नदी में जाने या उसके किनारे गतिविधियां करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहना पड़ता है।

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