हाथ-पैर में रॉड, प्लेट या स्क्रू है तो एयरपोर्ट पर क्या होगा? जानें सिक्योरिटी चेक का पूरा नियम
रॉड लगी है तो एयरपोर्ट पर क्या होगा?
एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक के दौरान शरीर में मौजूद धातु के इम्प्लांट की वजह से मेटल डिटेक्टर में अलर्ट आ सकता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा कर्मचारी अतिरिक्त जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर हाथ से जांच भी की जा सकती है, ताकि मेटल अलार्म का कारण स्पष्ट किया जा सके।
सिक्योरिटी कर्मचारियों को पहले ही जानकारी दें
अगर आपके शरीर में रॉड, प्लेट, स्क्रू या कोई अन्य धातु का इम्प्लांट है तो सिक्योरिटी जांच शुरू होने से पहले ही कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे देना बेहतर है। इससे मेटल डिटेक्टर में अलर्ट आने की स्थिति में आप अपनी मेडिकल स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।
कौन से मेडिकल दस्तावेज साथ रखना बेहतर है?
यात्रा के दौरान अपने इम्प्लांट से जुड़े मेडिकल दस्तावेज साथ रखना उपयोगी हो सकता है। इनमें ऑपरेशन की डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट या प्रमाणपत्र, अस्पताल की ओर से मिला इम्प्लांट कार्ड और उपलब्ध एक्स-रे या मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
इन दस्तावेजों को हर यात्री के लिए अनिवार्य बताया गया है, ऐसा नहीं है। इन्हें साथ रखने योग्य मेडिकल दस्तावेज के तौर पर देखना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर इनकी मदद से सुरक्षा कर्मचारियों को इम्प्लांट के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
क्या मेडिकल दस्तावेज होने पर अतिरिक्त जांच से छूट मिलेगी?
मेडिकल दस्तावेज या सूचना कार्ड दिखाने से सुरक्षा जांच से पूरी तरह छूट नहीं मिलती। अगर मेटल डिटेक्टर में अलार्म आता है और उसकी वजह स्पष्ट करना जरूरी है, तो सुरक्षा प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त जांच की जा सकती है।
हाथ से भी हो सकती है जांच
अगर मेटल डिटेक्टर में अलार्म आता है तो सुरक्षा कर्मचारी शरीर की विस्तृत हाथ से जांच कर सकते हैं। इम्प्लांट जिस हिस्से में मौजूद है, उस हिस्से पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग, प्लास्टर या शरीर को सहारा देने वाले उपकरणों की भी जांच की जा सकती है।
जांच के दौरान निजता का भी ध्यान
अतिरिक्त जांच की जरूरत पड़ने पर यात्री की निजता और गरिमा का ध्यान रखने का प्रावधान है। कुछ परिस्थितियों में हाथ से की जाने वाली जांच अलग स्थान पर भी की जा सकती है।
क्या रॉड होने पर एयरपोर्ट पर रोक देंगे?
सिर्फ शरीर में धातु की रॉड, प्लेट, स्क्रू या अन्य इम्प्लांट होने की वजह से यात्री को फ्लाइट में जाने से नहीं रोका जाता। सुरक्षा जांच का उद्देश्य इम्प्लांट के कारण पैदा होने वाले मेटल अलार्म को स्पष्ट करना और एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करना है।
यात्रा से पहले रखें ये जरूरी बातें
एयरपोर्ट जाने से पहले अपने मेडिकल दस्तावेज साथ रखें और सिक्योरिटी कर्मचारियों को इम्प्लांट की जानकारी पहले ही दे दें। दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी फोन में रखना भी उपयोगी हो सकता है।
अगर चलने-फिरने में परेशानी है तो एयरलाइन से पहले ही व्हीलचेयर या दूसरी असिस्टेंस सुविधा बुक करा लें। एयरपोर्ट थोड़ा जल्दी पहुंचना भी बेहतर है, ताकि अतिरिक्त सुरक्षा जांच में समय लगने पर फ्लाइट छूटने का खतरा न रहे।
विदेश यात्रा में नियम अलग हो सकते हैं
अगर आप विदेश यात्रा करने वाले हैं तो संबंधित एयरपोर्ट और एयरलाइन की गाइडलाइन पहले से देख लें। अलग-अलग देशों और एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया कुछ अलग हो सकती है। हाल ही में सर्जरी हुई है या यात्रा को लेकर कोई मेडिकल चिंता है तो डॉक्टर से सलाह लेना भी बेहतर रहेगा।