अब LPG की नो-टेंशन, सरकार ला रही है PNG की नई स्कीम

अब LPG की नो-टेंशन, सरकार ला रही है PNG की नई स्कीम

📅 August 20, 2026 🏷️ News/Business & Economy ✍️ NewsTime Editorial
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और LPG आयात में आने वाली रुकावटों के बीच केंद्र सरकार अब घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए सरकार 1 सितंबर 2026 से एक नई इंसेंटिव स्कीम लागू करने जा रही है। इस योजना का नाम इंसेंटिव स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ डोमेस्टिक PNG कनेक्शंस रखा गया है। इसका मकसद देश में घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या बढ़ाना और लोगों को स्वच्छ तथा अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध कराना है। सरकार की यह योजना छह-छह महीने के दो चरणों में लागू की जाएगी। इसके तहत शहरी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को नए घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। नए कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई तेल और गैस आयात करने वाले देशों को सप्लाई और कीमतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने और आयात लागत बढ़ने का असर गैस बाजार पर भी पड़ा है। भारत LPG की अपनी बड़ी जरूरत के लिए आयात पर काफी निर्भर है और इसका एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। ऐसे में घरेलू PNG का नेटवर्क बढ़ने से भारत को आयातित LPG पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। नई PNG इंसेंटिव स्कीम के तहत शहरी गैस वितरण कंपनियों को प्रत्येक ऐसे नए घरेलू कनेक्शन के लिए 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जहां नया कनेक्शन लेने वाला उपभोक्ता PNG का इस्तेमाल शुरू करता है और नियमित रूप से बिल का भुगतान करता है। सरकार को उम्मीद है कि अतिरिक्त गैस आवंटन से डिस्ट्रीब्यूटर्स की गैस खरीद लागत कम हो सकती है। इसके साथ ही कंपनियों को पहले से मौजूद लेकिन निष्क्रिय PNG कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने और नए इलाकों में नेटवर्क का विस्तार करने में मदद मिल सकती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना से PNG डिस्ट्रीब्यूटर कंपनियों को नए कनेक्शनों में किए गए निवेश की भरपाई तेजी से करने में मदद मिलेगी। अभी जहां इस निवेश को रिकवर करने में करीब 10 साल लग सकते हैं, वहीं इंसेंटिव के जरिए यह अवधि लगभग तीन साल तक कम होने की उम्मीद है। इस योजना का फायदा सीधे तौर पर PNG कंपनियों को मिलेगा, लेकिन इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। PNG का इस्तेमाल करने वाले लोगों को LPG सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी में देरी और सिलेंडर स्टोरेज जैसी परेशानियों से राहत मिल सकती है। इसके अलावा PNG की कीमत LPG के मुकाबले कम होने की स्थिति में घरेलू रसोई का खर्च भी कम हो सकता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और अपनी जरूरत का करीब 60 फीसदी LPG आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। भारत ने 2025 में करीब 22 मिलियन मीट्रिक टन LPG आयात किया, जिस पर लगभग 12 अरब डॉलर खर्च हुए। दूसरी तरफ भारत में फिलहाल करीब 17.4 मिलियन घरेलू PNG कनेक्शन हैं। सरकार की नई योजना से इंद्रप्रस्थ गैस और महानगर गैस जैसी शहरी गैस वितरण कंपनियों को अपने नेटवर्क का विस्तार करने और ज्यादा से ज्यादा घरों को PNG से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। अगर योजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में भारत के घरेलू ऊर्जा बाजार में LPG के मुकाबले PNG की हिस्सेदारी बढ़ सकती है और इससे देश की आयातित LPG पर निर्भरता कम करने की कोशिश को भी मजबूती मिल सकती है।

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