‘मैंने सती या पद्मावती को कायर नहीं कहा’, पुराने बयान पर स्वरा भास्कर का बड़ा पलटवार
स्वरा ने कहा कि उनकी बात का गलत तरीके से अनुवाद किया जा रहा है और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर एक झूठी कहानी के तौर पर फैलाया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या महल की दूसरी रानियां और महिलाएं, जिन्होंने जौहर किया था, वे कायर थीं।
स्वरा ने एक-एक बात का हिंदी में मतलब समझाया
स्वरा ने अपने वीडियो में अपनी कही हुई बातों को एक-एक करके हिंदी में समझाया, ताकि लोगों को पता चल सके कि उन्होंने असल में क्या कहा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों पर भी निशाना साधा। स्वरा ने कहा कि अगर किसी को भाषा समझ नहीं आती है तो उसे पहले पूछना चाहिए या यह पता करना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था। बिना समझे किसी बात को गलत तरीके से फैलाना ठीक नहीं है।
स्वरा ने कहा कि जो लोग उन्हें गालियां देना चाहते हैं, वे दे सकते हैं, लेकिन सही चीज के लिए दें। अपने मूल बयान की सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि ‘पद्मावत’ का क्लाइमेक्स देखते समय उनके मन में क्या विचार आया था।
उन्होंने कहा कि फिल्म का क्लाइमेक्स देखते हुए उन्हें लगा था कि अगर भगवान न करे वह खुद कभी रेप की शिकार हुई होतीं, तो शायद उन्हें इस बात पर खुद को कायर महसूस होता कि उन्होंने अपनी जान नहीं ली। स्वरा ने समझाया कि उन्होंने यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव के संदर्भ में कही थी, न कि रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बताने के लिए।
रेप कल्चर को लेकर स्वरा ने उठाए सवाल
स्वरा ने कहा कि उन्होंने यह बात उस संदर्भ में कही थी, जब समाज में रेप एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे समाज में रहते हैं, जहां रेप कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक ऐसे माहौल में महिलाओं के जीवन और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
दिल्ली-NCR में 47 किलोमीटर तक रेप के आरोप का दिया उदाहरण
स्वरा ने दिल्ली-NCR में एक लड़की के साथ कथित तौर पर करीब 47 किलोमीटर तक रेप किए जाने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं और महिलाओं की स्थिति को देखते हुए फिल्में आखिर समाज को क्या संदेश दे रही हैं।
‘पद्मावत’ के संदर्भ में उन्होंने सवाल किया कि क्या हमें ऐसी फिल्म बनानी चाहिए, जहां यह संदेश जाए कि एक औरत की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा मूल्यवान है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या रेप सर्वाइवर्स को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि उनकी जान चली जाती तो बेहतर होता या जिंदा बचना कोई बुरी बात है।
स्वरा ने सवाल किया कि आखिर क्या किसी महिला की जिंदगी उसके साथ रेप होने के बाद खत्म हो जाती है। उन्होंने निर्भया का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने आखिरी सांस तक छह लोगों से लड़ाई लड़ी थी। स्वरा ने कहा कि महिलाओं की जीने की इच्छा को कभी कम करके नहीं आंकना चाहिए।
पोस्ट के कैप्शन में भी स्वरा ने मीडिया पर साधा निशाना
स्वरा ने अपने वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में भी अपनी सफाई दोहराई। उन्होंने कहा कि उनके वीडियो की एक क्लिप वायरल हो गई है और उसका गलत और झूठा नेरेटिव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि रानी पद्मावती या सती करने वाली कोई भी महिला कायर थी। स्वरा ने आरोप लगाया कि मीडिया चैनल और कुछ लोग बार-बार झूठे आरोप लगाकर लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि महिलाओं को रेप के बाद भी जीने का अधिकार है।
पद्मावत रिलीज के बाद लिखा था ओपन लेटर
मालूम हो कि स्वरा ने ‘पद्मावत’ की रिलीज के बाद संजय लीला भंसाली को एक ओपन लेटर लिखा था। इस बारे में बात करते हुए स्वरा ने कहा कि जौहर करने वाली महिलाओं को देखकर वह विचलित हो गई थीं। उन्होंने बताया कि वह करीब एक हफ्ते तक ठीक से सो नहीं पाईं और उनके मन में यह सवाल आया कि महिलाओं को सिर्फ उनके शरीर और यौन पहचान तक क्यों सीमित किया जाता है।
अब अपने नए वीडियो के जरिए स्वरा ने अपने पुराने बयान का संदर्भ स्पष्ट करने की कोशिश की है और कहा है कि उनके बयान को रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बताने के तौर पर पेश करना गलत है।