उफान पर गंगा-यमुना, बाढ़ में घिरे कई इलाके, 13 जिलों के 173 गांव प्रभावित

उफान पर गंगा-यमुना, बाढ़ में घिरे कई इलाके, 13 जिलों के 173 गांव प्रभावित

📅 August 21, 2026 🏷️ India/Weather ✍️ NewsTime Editorial
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की लगातार बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने राज्य के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते गंगा, यमुना, राप्ती, सरयू और गोमती समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के कछार और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश शासन की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 13 जिलों के करीब 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे लगभग 84,362 लोग और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। बाढ़ प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश की मुख्य वजह है। इसके प्रभाव से बुंदेलखंड के झांसी, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी बारिश का पूर्वानुमान है और इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर और जालौन समेत कई जिलों में येलो अलर्ट है। प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंच रहा है। दारागंज में बक्शी बांध के पास खड़ी एक कार गंगा के पानी में डूब गई। कानपुर और उन्नाव में भी गंगा किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। वाराणसी में स्थिति और गंभीर है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास बने 100 से ज्यादा मंदिरों में पानी घुस गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के श्मशान क्षेत्रों तक पानी पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार घाट के ऊपरी हिस्से में कराए जा रहे हैं। नमो घाट भी पानी में डूब गया है और दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण गंगा आरती छत से कराई जा रही है। लगातार बारिश और बाढ़ के चलते कई जिलों में स्कूल भी बंद किए गए हैं। प्रयागराज, गोंडा, कौशांबी, गाजीपुर और भदोही में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद हैं, जबकि जौनपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। राहत और बचाव के लिए राज्य में लगभग 1,589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और 1,263 बाढ़ राहत शिविर तैयार किए गए हैं। इनमें से 41 राहत शिविर सक्रिय हैं और 1,045 लोग वहां रह रहे हैं। अब तक 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। प्रभावित लोगों के लिए 15,238 फूड पैकेट और 30,316 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। राहत अभियानों के लिए 428 नाव और मोटर बोट तथा 1,101 स्थानीय गोताखोरों को तैनात किया गया है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत आयुक्त कार्यालय जिलों के कंट्रोल रूम के संपर्क में है।

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