उफान पर नदियां, आफ़त में जीवन

उफान पर नदियां, आफ़त में जीवन

📅 August 31, 2026 🏷️ India/Weather ✍️ NewsTime Editorial
उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गया है। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तेज बहाव ने कर्वी शहर को जोड़ने वाले पुल की एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड के देहरादून में भी भारी बारिश के बाद तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का पानी कर्वी शहर को जोड़ने वाले मंदाकिनी पुल के ऊपर से बहने लगा। तेज बहाव के कारण पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसकर नदी में बह गया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इससे झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है।

मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में भी देखने को मिला। निचले इलाकों में पानी फैलने से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।

प्रयागराज में डूबा संगम क्षेत्र

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण संगम क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गया है। जहां माघ मेला और कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, वहां अब पानी ही पानी नजर आ रहा है। मेला क्षेत्र की सड़कें और रास्ते भी जलमग्न हो गए हैं।

बाढ़ के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकानों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। पूजा-पाठ कराने वाले पंडा समाज ने भी अपने झंडे और पूजा स्थलों को दूसरी जगह पहुंचा दिया है। बाढ़ का सीधा असर नाविकों, दुकानदारों और पंडाओं की रोजी-रोटी पर पड़ा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कारोबार पर भी असर पड़ा है।

देहरादून में उफान पर तमसा नदी

उत्तराखंड के देहरादून और आसपास के इलाकों में लगातार भारी बारिश के कारण तमसा नदी भी उफान पर है। तपकेश्वर महादेव मंदिर के पास नदी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है। बारिश के चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

सतना में भी बाढ़ जैसे हालात

मध्य प्रदेश के सतना जिले में करीब 20 घंटे से जारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। चित्रकूट समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के दो हेलीकॉप्टर और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटीं।

सतना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सोहास गांव के मलाहन टोला में 50 से ज्यादा ग्रामीण चारों तरफ पानी से घिर गए थे। कई लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर मदद का इंतजार कर रहे थे। देर रात एसडीआरएफ ने जिला प्रशासन और सतना सांसद गणेश सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला।

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने उत्तर भारत के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

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