अमेजन, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर बड़ा एक्शन

अमेजन, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर बड़ा एक्शन

📅 August 26, 2026 🏷️ India/Business ✍️ NewsTime Editorial
कर्नाटक सरकार ने ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीजों की कथित बिक्री को लेकर सख्त कार्रवाई की है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस को अगले आदेश तक निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीजों को खाद्य पदार्थ के तौर पर उपलब्ध कराए जाने से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीज बिक्री के लिए लिस्ट किए गए थे। जांच के दौरान ऐसे पैकेट भी पाए गए, जिन्हें गोदामों में रखा गया था और ऑनलाइन माध्यम से बेचने या वितरित करने की तैयारी की जा रही थी। विभाग के लिए यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि धतूरा एक जहरीला पौधा है और इसके फल तथा बीजों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अधिकारियों को कुछ उत्पादों पर FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज मिला, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत मामले की जांच और कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटरों को धतूरे से जुड़ी सभी ऑनलाइन लिस्टिंग तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ऐसे उत्पादों से संबंधित विज्ञापन, प्रमोशनल कंटेंट और अन्य ऑनलाइन सामग्री को भी हटाने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि धतूरे के फल या बीजों को मानव उपभोग के लिए खाद्य पदार्थ के रूप में बेचने, वितरित करने या उसका प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ उन सप्लायर्स और विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने इन उत्पादों को उपलब्ध कराया था। संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन को भी तत्काल निलंबित करने की बात कही गई है।

सरकार की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहरीले या मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त उत्पाद खाद्य पदार्थ के रूप में बाजार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक न पहुंचें। कर्नाटक सरकार के निर्देश के अनुसार Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस का निलंबन अगले आदेश तक जारी रहेगा। हालांकि यह स्थायी रूप से लाइसेंस रद्द करने का फैसला नहीं है। संबंधित कंपनियों को उनके द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए Compliance Report जमा करनी होगी। अधिकारियों द्वारा इन रिपोर्टों की समीक्षा के बाद लाइसेंस निलंबन हटाने पर अलग से विचार किया जा सकता है। कंपनियों को इस प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया जाएगा।

जांच के दौरान संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि अधिकारियों के सामने पेश हुए और मामले को लेकर अपनी स्थिति बताई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Amazon की ओर से तत्काल जवाब नहीं दिया गया था, जबकि Swiggy Instamart ने कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। BigBasket की ओर से बताया गया कि उसने धतूरे की ऑनलाइन बिक्री रोक दी है। कंपनी ने भविष्य में ऐसे उत्पादों की लेबलिंग को स्पष्ट करने और उन्हें मानव उपभोग के लिए नहीं होने की जानकारी देने की बात कही। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग ने कंपनियों की ओर से दिए गए जवाब और स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद तीनों प्लेटफॉर्म्स के फूड लाइसेंस को अगले आदेश तक निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

धतूरे को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की चिंता का मुख्य कारण इसकी विषाक्तता है। धतूरे के फल और बीजों में ऐसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जिनका सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे मानव उपभोग के लिए खाद्य पदार्थ के तौर पर बेचने या वितरित करने को गंभीर उल्लंघन माना है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऐसे उत्पादों की बिक्री होने से यह मामला और संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पाद बड़ी संख्या में ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

कर्नाटक सरकार की यह कार्रवाई ऑनलाइन खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती निगरानी का भी संकेत देती है। देश में ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के साथ खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग और बिक्री पर नियामकीय निगरानी की जरूरत भी बढ़ी है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ऐसे उत्पाद खाद्य पदार्थ के रूप में उपलब्ध न हों, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक या खाद्य सुरक्षा नियमों के विपरीत हों। इस मामले में संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं को सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

फिलहाल Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket के खिलाफ की गई लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई जारी रहेगी। आगे का फैसला कंपनियों द्वारा जमा की जाने वाली Compliance Report और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की समीक्षा के बाद किया जाएगा। इस पूरे मामले ने ऑनलाइन किराना और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उत्पादों की निगरानी तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर ध्यान खींचा है।

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