दिल्ली: वोटर लिस्ट से 47.75 लाख नाम बाहर

दिल्ली: वोटर लिस्ट से 47.75 लाख नाम बाहर

📅 August 31, 2026 🏷️ India/Politics ✍️ NewsTime Editorial
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने जा रही है। मौजूदा मतदाता सूची की तुलना में नई ड्राफ्ट सूची में करीब 47 लाख 75 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम नहीं होंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी नामों को हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। फिलहाल ये नाम केवल ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं और प्रभावित मतदाताओं को अपना नाम दोबारा शामिल करवाने का मौका दिया गया है।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के पीछे कई संभावित कारण बताए गए हैं। इनमें व्यक्ति का अपने पते पर नहीं रहना, एक से ज्यादा जगह की मतदाता सूची में नाम होना, स्थायी रूप से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो जाना, विदेश में जाकर बस जाना या विदेशी नागरिक होना जैसी वजहें शामिल हैं। इसके अलावा सत्यापन के दौरान जरूरी जानकारी या दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण भी किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सकता है।

घर-घर जाकर किए गए सत्यापन अभियान के दौरान दिल्ली के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 97.5 लाख लोगों के फॉर्म डिजिटल किए जा सके। बाकी करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो पाने के कारण निर्वाचन आयोग ने उन्हें ASDDOF यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट, अन्य और विदेशी जैसी श्रेणियों में रखा है।

नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होने पर क्या करें?

प्रभावित मतदाताओं के पास अपना नाम दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल करवाने का अवसर है। आम लोग 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। अगर किसी व्यक्ति का पता बदल गया है, तो वह नए पते के साथ भी फॉर्म 6 के जरिए आवेदन कर सकता है।

फॉर्म 6 के लिए आवेदन ऑनलाइन राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल या Voter Helpline App के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO या संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

फॉर्म 6 के साथ आवेदक को एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी जमा करनी होगी। उम्र और भारत में जन्म से जुड़े प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं/12वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों में से कोई एक दिया जा सकता है।

आवासीय पते के प्रमाण के लिए बिजली, पानी या गैस का बिल, बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक, रेंट एग्रीमेंट या संपत्ति की रजिस्ट्री से जुड़े कागजात जैसे दस्तावेज इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

आवेदन जमा होने के बाद बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO दस्तावेजों की जांच और सत्यापन करेंगे। अगर आवेदन और दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो मतदाता का नाम 4 नवंबर 2026 को जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।

किसी भी तरह की सहायता के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसलिए अगर SIR के बाद जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। निर्धारित समय के भीतर दावा दाखिल करके और जरूरी दस्तावेज जमा करके नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करवाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

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