तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान करते हुए गरीब परिवारों, महिलाओं और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी है। सरकार ने कम आय वाले परिवारों को साल में तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना का ऐलान किया है। 'अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स' नाम की यह योजना पोंगल 2027 से शुरू की जाएगी। इसके तहत सालाना 2.5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए राज्य के खजाने से हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री विजय के अनुसार लाभार्थियों को पहले सिलेंडर खरीदना होगा और इसके बाद उसकी कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी। यानी पात्र परिवारों को हर साल तीन सिलेंडर की कीमत सरकार की ओर से वापस दी जाएगी। इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके घरेलू बजट में LPG सिलेंडर की कीमत एक महत्वपूर्ण खर्च होती है। विजय सरकार ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के दायरे को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिलाओं को केवल सामान्य बसों में ही नहीं, बल्कि एक्सप्रेस, LSS और डीलक्स बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अंतर-जिला बसों में भी महिलाओं को 'वेट्री पयाना थिट्टम' के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना 2 अक्टूबर से शुरू करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री विजय ने यह भी घोषणा की कि ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देना तथा सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुलभ बनाना है। इन घोषणाओं के बीच चेन्नई के परंदूर में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर भी मुख्यमंत्री विजय ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी जगह की तलाश कर रही है जहां एयरपोर्ट बनने से ज्यादा से ज्यादा परिवारों को प्रभावित होने से बचाया जा सके। परंदूर में एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किया गया था और मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। विजय के मुताबिक सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान की है। उन्होंने दोहराया कि मौजूदा स्थिति में सरकार परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और विकास परियोजनाओं के नाम पर उनके हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का कहना है कि विकास और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। हालांकि परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। डीएमके नेता और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने विजय सरकार के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने सरकार को 'सोफा मॉडल' सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि चेन्नई के विकास के लिए महत्वपूर्ण एयरपोर्ट परियोजना को रोकना उचित नहीं है। उदयनिधि स्टालिन के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी AAI, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियां परियोजना को लेकर अध्ययन कर चुकी हैं तथा जरूरी प्रक्रियाओं और मंजूरियों पर पहले ही काफी काम हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भी सरकार पहले ही कदम उठा चुकी थी। उदयनिधि के मुताबिक प्रभावित लोगों को बाजार मूल्य से तीन गुना तक मुआवजा देने की व्यवस्था की गई थी और इस प्रक्रिया में सरकारी धन भी खर्च किया जा चुका है। ऐसे में परियोजना को रोकने से राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने सरकार के फैसले को राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताते हुए कहा कि इसका असर केवल एयरपोर्ट परियोजना तक सीमित नहीं रहेगा। उनके मुताबिक अगर चेन्नई में आधुनिक एयर कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं हुआ तो शहर में निवेश करने वाली कंपनियां दूसरे राज्यों का रुख कर सकती हैं और नई कंपनियां भी निवेश को लेकर पीछे हट सकती हैं। उदयनिधि स्टालिन ने परंदूर एयरपोर्ट को तमिलनाडु के भविष्य, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताया। वहीं मुख्यमंत्री विजय का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ किसानों और स्थानीय परिवारों के हितों की रक्षा करना भी जरूरी है। ऐसे में परंदूर एयरपोर्ट को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस आगे बढ़ सकती है। फिलहाल तमिलनाडु सरकार के ताजा ऐलानों में गरीब परिवारों के लिए तीन मुफ्त LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए विस्तारित मुफ्त बस यात्रा तथा चेन्नई एयरपोर्ट के विकास से जुड़े फैसले प्रमुख हैं। इन योजनाओं से करोड़ों लोगों पर असर पड़ने की संभावना है और आने वाले समय में इनके क्रियान्वयन पर भी नजर रहेगी।