कुत्ते घुमाकर रोज 50 हजार की कमाई! क्रिमिनल डिफेंस लॉयर की नौकरी छोड़कर शुरू किया ये काम

कुत्ते घुमाकर रोज 50 हजार की कमाई! क्रिमिनल डिफेंस लॉयर की नौकरी छोड़कर शुरू किया ये काम

📅 September 23, 2026 🏷️ Lifestyle/Career ✍️ NewsTime Editorial
ब्रिटेन की लिज ईस्ट ने करियर की ऐसी राह चुनी, जिसे सुनकर कई लोग हैरान हो सकते हैं। उन्होंने क्रिमिनल डिफेंस लॉयर के क्षेत्र में काम करने के बाद नौकरी छोड़ दी और डॉग-वॉकिंग बिजनेस शुरू कर दिया। अब वह कुत्तों को घुमाकर अच्छी कमाई कर रही हैं और उनका कहना है कि नई जिंदगी में उन्हें पहले से ज्यादा खुशी और कम वर्क प्रेशर मिलता है।

क्रिमिनल डिफेंस में किया काम
पीपल मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक, लिज ने क्रिमिनल डिफेंस के क्षेत्र में करीब चार साल तक पैरालीगल के तौर पर काम किया। उनके काम में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा अदालत जाना, जेलों का दौरा करना और क्लाइंट्स से मुलाकात करना भी शामिल था। कई बार उनका काम का दिन 12 घंटे से भी ज्यादा लंबा हो जाता था। इसके अलावा लंदन आने-जाने में करीब दो घंटे लगते थे।

लंबे काम के घंटों से परेशान थीं लिज
लिज के मुताबिक, लगातार लंबे घंटों तक काम करने और आने-जाने की वजह से उन्हें लगने लगा था कि उनकी जिंदगी सिर्फ काम के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्हें अक्सर यह सवाल परेशान करता था कि क्या आगे भी उनकी जिंदगी इसी तरह चलती रहेगी। इसी दौरान उन्होंने अपने करियर को लेकर दोबारा सोचना शुरू किया।

पति को देखकर बदला नजरिया
लिज के पति पहले से ही डॉग-वॉकिंग और डॉग-बोर्डिंग का काम करते हैं। लिज ने देखा कि उनके पति अपने काम को लेकर काफी उत्साहित और खुश रहते हैं। इसके उलट वह खुद हर वीकेंड काम और लंबे घंटों को लेकर परेशान रहती थीं। पति के काम को देखकर उनके मन में भी अपना करियर बदलने का विचार आया।

वैन खरीदी और शुरू किया डॉग-वॉकिंग बिजनेस
लिज ने आखिरकार अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़ दी। उन्होंने एक वैन खरीदी और डॉग-वॉकिंग बिजनेस शुरू किया। शुरुआत में कारोबार को खड़ा करने के लिए उन्होंने एक लोकल पब में भी काम किया। धीरे-धीरे उनके ग्राहक बढ़ते गए और डॉग-वॉकिंग बिजनेस ने रफ्तार पकड़ ली।

एक दिन में 20 से 30 कुत्ते
लिज अब आम तौर पर एक दिन में 20 से 30 कुत्तों को घुमाती हैं। इसके लिए वह करीब चार अलग-अलग आउटिंग करती हैं। उनके मुताबिक, वह प्रति कुत्ते करीब 19 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज करती हैं। उनका दावा है कि एक दिन में उनकी कमाई लगभग 400 से 530 डॉलर यानी करीब 38 हजार से 50 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।

पुरानी नौकरी से ज्यादा कमाई का दावा
लिज का कहना है कि अब वह अपनी पुरानी कॉरपोरेट नौकरी के मुकाबले हर महीने हजारों पाउंड ज्यादा कमा रही हैं। खास बात यह है कि उनके मुताबिक अब उन्हें पहले की तुलना में काफी कम समय काम करना पड़ता है। इससे उन्हें निजी जिंदगी और अपने पसंद के काम के लिए ज्यादा समय मिलता है।

लोगों ने पूछा- इतनी पढ़ाई के बाद कुत्ते घुमा रही हो?
करियर बदलने के बाद लिज को कई लोगों के सवालों का सामना भी करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनसे पूछा कि कानून के क्षेत्र में पढ़ाई और कई साल मेहनत करने के बाद उन्होंने डॉग-वॉकिंग को अपना करियर क्यों बनाया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई और अनुभव बर्बाद कर दिए। हालांकि लिज ऐसा नहीं मानतीं। उनका कहना है कि कानून के क्षेत्र में बिताए सालों से मिली सीख आज भी उनकी जिंदगी और बिजनेस में काम आती है।

लिज बोलीं- कमाई कम नहीं हुई
लिज के मुताबिक, कई लोग मानते हैं कि करियर बदलने के बाद उनकी कमाई कम हो गई होगी। लेकिन उनका दावा है कि ऐसा नहीं है। वह कहती हैं कि अब उनकी मासिक कमाई पुरानी कॉरपोरेट नौकरी से ज्यादा है और उन्हें पहले की तुलना में कम समय काम करना पड़ता है।

हर किसी के लिए नहीं है डॉग-वॉकिंग
लिज यह भी कहती हैं कि सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के लिए किसी को डॉग-वॉकिंग को करियर नहीं बनाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस काम के लिए कुत्तों के साथ समय बिताना और बाहर रहना पसंद करना जरूरी है। इसमें जिम्मेदारी भी होती है और अलग-अलग जानवरों को संभालने की क्षमता चाहिए।

नौकरी से खुश नहीं हैं तो बदलाव पर सोचें
लिज का कहना है कि अब उन्हें सुबह उठकर काम पर जाने में खुशी होती है। फिलहाल वह अपने पुराने करियर में लौटने के बारे में नहीं सोच रही हैं। अपने अनुभव के आधार पर वह उन लोगों को बदलाव के बारे में सोचने की सलाह देती हैं जो अपनी नौकरी से खुश नहीं हैं। उनके लिए कानून से डॉग-वॉकिंग तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं है।

ब्रिटेन में डॉग-वॉकिंग का स्कोप
ब्रिटेन में डॉग-वॉकिंग, डॉग-बोर्डिंग और पेट-सिटिंग जैसी सेवाओं की मांग मौजूद है। पीडीएसए की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में करीब 1.11 करोड़ पालतू कुत्ते हैं और करीब 30 फीसदी वयस्कों के पास कुत्ता है। ऐसे में उन लोगों के लिए डॉग-वॉकिंग जैसी सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं, जो काम, परिवार या दूसरी वजहों से अपने कुत्ते को खुद नहीं घुमा पाते।

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