नेपाल में बाढ़ की भारी तबाही, 31 पुल बहे और 7,500 से ज्यादा घर उजड़े
शहरी विकास एवं भवन निर्माण विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया है। विभाग के मुताबिक 7,570 प्रभावित घरों में से 6,317 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 1,253 घर पूरी तरह ढह गए हैं। इन घरों को अब दोबारा बनाना पड़ेगा। सिर्फ आवासीय संपत्तियों का नुकसान करीब 17 अरब रुपये आंका गया है। इसके अलावा 45 सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 4 अरब 50 करोड़ रुपये है। विस्तृत नुकसान का आकलन अभी जारी है।
नुवाकोट में सबसे ज्यादा तबाही
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नुवाकोट जिले में देखने को मिला है। यहां करीब 3,977 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और नुकसान का अनुमान करीब 92 करोड़ 26 लाख रुपये लगाया गया है। इनमें बेलकोटगढ़ी के 212, विदुर नगरपालिका के 3,026, किस्पांग के 696 और तर्केश्वर के 43 घर शामिल हैं।
रसुवा में 1,779 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे करीब 50 करोड़ 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें गोसाईंकुंडा के 1,043, कालिका के 112, आमाछोदिंग्मो के 57 और उत्तरगया के 567 घर शामिल हैं।
धादिंग में 1,451 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और नुकसान करीब 24 करोड़ रुपये बताया गया है। इनमें बेनीघाट रोराङ के 1,037, गजुरी के 107, गल्छी के 79 और सिद्धलेक के 228 घर शामिल हैं।
गोरखा में 263 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 248 घर गंडकी क्षेत्र और 15 घर शहीद लखन क्षेत्र के हैं। यहां नुकसान करीब 4 करोड़ 34 लाख रुपये आंका गया है। वहीं चितवन के इच्छाकामना में 100 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपये बताई गई है।
सड़कों और पुलों को भी भारी नुकसान
बाढ़ से नेपाल के सड़क नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क विभाग के मुताबिक देशभर में करीब 30 अरब नेपाली रुपये का सड़क नुकसान हुआ है। 82 किलोमीटर लंबी गल्छी-स्याफ्रुबेंसी-रसुवागढ़ी सड़क का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है, जिसे नए सिरे से बनाना होगा। पृथ्वी राजमार्ग का कृष्णभीर हिस्सा भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
बाढ़ में 31 पुल पूरी तरह बह गए, जबकि तीन पुलों को नुकसान पहुंचा है। इन पुलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर करीब 50 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है। रसुवा और नुवाकोट में 53 झूलते पुल भी प्रभावित हुए हैं। इनमें 33 पूरी तरह बह गए हैं, जबकि 20 पुलों की मरम्मत की जा सकती है।
स्थानीय ढांचे को 1 अरब 25 करोड़ रुपये का नुकसान
स्थानीय ढांचे को भी करीब 1 अरब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बाढ़ के कारण कई इलाकों का संपर्क टूट गया है, जिसे बहाल करने के लिए रसुवा में तीन और नुवाकोट में दो जगह रोपवे लगाए जाएंगे। नुवाकोट के तीन इलाकों में रोपवे लगाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि रसुवा में काम जारी है। ग्रामीण सड़कों, झूलते पुलों और नए रोपवे को मिलाकर करीब 1 अरब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित
बाढ़ ने पेयजल व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रसुवा, नुवाकोट, गोरखा और धादिंग में कई पानी के टैंक क्षतिग्रस्त हुए हैं। रसुवा में 10, नुवाकोट में 111, धादिंग में 7 और गोरखा में 24 पानी के टैंक बाढ़ की चपेट में आए। पेयजल ढांचे को करीब 64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं सीवेज और सफाई व्यवस्था को हुए नुकसान का अनुमान करीब 29 करोड़ रुपये है।
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने घरों और निजी संपत्ति के साथ-साथ सड़क, पुल, पेयजल और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के मुताबिक नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद तबाही की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।