सड़क के नीचे मिली 1700 साल पुरानी कब्रें, मुंह में 9 सिक्के और पैरों के पास रखा था सिर
ब्रिटेन के नॉर्थ यॉर्कशायर के कैटरिक इलाके में पुरातत्वविदों को रोमन काल की ऐसी कब्रें मिली हैं, जिनमें मृतकों को असामान्य तरीके से दफनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ शवों को औंधे मुंह दफनाया गया, जबकि दो लोगों के सिर काटकर उनके पैरों के पास रखे गए थे। एक कब्र में मृतक के मुंह से नौ सिक्के भी मिले। ये खोजें करीब 1700 साल पहले के लोगों की मृत्यु और अंतिम संस्कार से जुड़ी मान्यताओं को समझने में मदद कर सकती हैं।
मृतक के मुंह में क्यों रखे गए नौ सिक्के?
कैटरिक में मिली एक कब्र में मृतक के मुंह से नौ सिक्के मिले। सिक्कों के आधार पर इस कब्र को लगभग 325 ईस्वी के कुछ समय बाद का माना गया है। प्राचीन यूनानी और रोमन दुनिया में मृतकों के साथ सिक्के रखने की परंपरा के उदाहरण मिलते हैं। इसका संबंध यूनानी पौराणिक कथाओं में वर्णित कैरॉन नाम के नाविक से जोड़ा जाता है, जिसके बारे में माना जाता था कि वह मृत आत्माओं को दूसरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए सिक्का लेता था। इस परंपरा को कैरॉन ऑबोल कहा जाता है। हालांकि, इस कब्र में नौ सिक्के रखने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है।
पैरों के पास रखे गए थे कटे हुए सिर
खुदाई में दो ऐसी कब्रें भी मिलीं, जिनमें मृतकों के सिर धड़ से अलग करके पैरों के पास रखे गए थे। इन कब्रों में पत्थरों से बनी संरचनाओं के अवशेष भी मिले, जिन्हें सिस्ट कहा जाता है। ये पत्थरों से तैयार की गई कब्र जैसी संरचनाएं होती हैं। सिर अलग रखने के पीछे की वजह अभी निश्चित नहीं है। पुरातत्वविदों ने संभावना जताई है कि इस तरह की रस्मों का संबंध उस समय की धार्मिक मान्यताओं या मृतकों की आत्मा को लेकर मौजूद आशंकाओं से हो सकता है। हालांकि, यह एक अनुमान है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ शवों को औंधे मुंह भी दफनाया गया
खुदाई में दो ऐसे व्यक्तियों के अवशेष भी मिले, जिन्हें पीठ के बल लिटाने के बजाय पेट के बल दफनाया गया था। यह तरीका सामान्य दफनाने की प्रथा से अलग था। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी स्थिति के पीछे धार्मिक मान्यताएं, सामाजिक परंपराएं या मृतक के प्रति किसी तरह का रवैया हो सकता है। लेकिन केवल दफनाने के तरीके से मृतक की पहचान या उसके साथ ऐसा व्यवहार करने की वजह तय नहीं की जा सकती।
कब्रों से मिले ताबीज जैसे सामान
पुरातत्वविदों को खुदाई में छेद किए हुए सिक्के, पेंडेंट और छेद वाला कुत्ते का एक दांत भी मिला है। अनुमान है कि इनमें से कुछ वस्तुओं को ताबीज की तरह इस्तेमाल किया जाता होगा। संभव है कि लोग इन्हें सुरक्षा या बुरी शक्तियों से बचाव से जोड़कर देखते हों। हालांकि, इन वस्तुओं का वास्तविक उपयोग और उनके पीछे की मान्यता जानने के लिए आगे अध्ययन जरूरी है।
308 कब्रों से मिली प्राचीन इतिहास की जानकारी
यह खोज नॉर्थ यॉर्कशायर में A1 सड़क से जुड़े बड़े पुरातात्विक सर्वेक्षणों का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अलग-अलग स्थानों पर कुल 308 मानव कब्रों का पता चला है। ये कब्रें शुरुआती कांस्य युग से लेकर एंग्लो-सैक्सन काल तक की बताई गई हैं। इनमें रोमन काल की कब्रें भी शामिल हैं, जो उस दौर के लोगों की दफनाने की परंपराओं और मृत्यु के बाद की जिंदगी से जुड़े विचारों पर रोशनी डालती हैं।
अवशेषों का किया जा रहा है अध्ययन
खुदाई में मिली वस्तुओं और मानव अवशेषों का अध्ययन विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। इन्हें यॉर्कशायर म्यूजियम्स ट्रस्ट के पास रखा जा रहा है। आगे की जांच से यह समझने में मदद मिल सकती है कि उस समय के लोग मृत्यु, धार्मिक रस्मों और दूसरी दुनिया को किस तरह देखते थे। फिलहाल, कब्रों में अपनाए गए असामान्य तरीकों के पीछे की सटीक वजहों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि कई व्याख्याएं अभी केवल संभावनाओं पर आधारित हैं।