फिर विवादों में घिरे समय रैना
मनोज बाजपेयी ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ये सब मजाक के तौर पर किया गया है तो उन्हें इससे कोई खास आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को खुद पर हंसना सीखना चाहिए और साथ मिलकर हंसना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मजाक करते समय सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
मनोज बाजपेयी ने कहा कि व्यक्ति को न सिर्फ अपने बारे में हास्यभाव रखना चाहिए, बल्कि सामने बैठे व्यक्ति और उसके क्षेत्र का भी सम्मान करना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज हैं तो वे एक-दूसरे पर मजाक कर सकते हैं, लेकिन किसी समुदाय या व्यक्ति को जानबूझकर आहत करना अलग बात है।
मनोज ने सुनाया दिल्ली का पुराना किस्सा
मनोज बाजपेयी ने दिल्ली में अपने शुरुआती दिनों का एक निजी अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह करीब 18 साल के थे और दिल्ली में नए थे, तब उन्हें शहर के बस के नियमों की जानकारी नहीं थी। वह बस के सामने वाले दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
मनोज ने बताया कि बस ड्राइवर ने उन्हें देखकर कहा था, 'अरे बिहारी, पीछे के गेट से चढ़ो।' मनोज ने कहा कि ड्राइवर को यह पता नहीं था कि वह वास्तव में बिहार से हैं। उनके लिए शायद जो भी व्यक्ति ऐसी गलती कर रहा था, वह बिहारी था। मनोज ने कहा कि उन्हें इस बात का बुरा नहीं लगा क्योंकि वह वास्तव में बिहार से थे और शहर में नए होने की वजह से उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने आगे बताया कि अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती होने के बाद वे सभी एक-दूसरे के साथ मजाक किया करते थे। उनके मुताबिक, उस समय किसी को बुरा नहीं लगता था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी व्यक्ति का व्यवहार किसी समुदाय या दूसरे लोगों के लिए समस्या पैदा करता है, तो मामला अलग हो जाता है।
शेरोन वर्मा और समय रैना की बातचीत पर विवाद
India's Got Latent के इस एपिसोड में स्टैंडअप कॉमेडियन शेरोन वर्मा पैनलिस्ट के तौर पर शामिल हुई थीं। शो के दौरान समय रैना ने मजाक करते हुए शेरोन के बिहारी होने को लेकर एक टिप्पणी की। इसके जवाब में शेरोन वर्मा ने भी समय रैना के कश्मीरी होने को लेकर मजाक किया।
इसी बातचीत के कुछ हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ। कुछ लोगों ने इसे कॉमेडी और आपसी मजाक का हिस्सा बताया, जबकि कुछ लोगों ने समुदायों से जुड़े ऐसे मजाक पर आपत्ति जताई।
मनोज बाजपेयी ने कहा कि समाज में लोगों को एक-दूसरे पर हंसना और खुद पर हंसना सीखना चाहिए। लेकिन इसके साथ संवेदनशीलता और सम्मान भी जरूरी है। उन्होंने इसे स्वस्थ समाज की निशानी बताते हुए कहा कि मजाक तब तक ठीक है, जब तक उससे किसी व्यक्ति या समुदाय को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश न हो।
समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उनके शो से जुड़े पुराने विवादों के कारण भी वह चर्चा में रहे हैं। ऐसे में India's Got Latent के इस नए एपिसोड को लेकर हुई बहस ने एक बार फिर कॉमेडी की सीमा, समुदायों पर मजाक और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।