70 की उम्र, रोज 150 रुपये की कमाई... 8 किलोमीटर पैदल चलकर बेचते हैं गुब्बारे, समीर काका की कहानी वायरल

70 की उम्र, रोज 150 रुपये की कमाई... 8 किलोमीटर पैदल चलकर बेचते हैं गुब्बारे, समीर काका की कहानी वायरल

📅 October 2, 2026 🏷️ Lifestyle/Inspiring ✍️ NewsTime Editorial
70 साल की उम्र में जब ज्यादातर लोग आराम और सुकून की जिंदगी जीने की उम्मीद करते हैं, वहीं कोलकाता के ठाकुरपुकुर में रहने वाले समीर काका आज भी रोजी-रोटी के लिए मेहनत कर रहे हैं। रंग-बिरंगे गुब्बारों का गुच्छा लेकर वह हर दिन सड़क पर निकलते हैं और ग्राहकों का इंतजार करते हैं। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग उनके संघर्ष को लेकर भावुक हो रहे हैं।

रोज 8 किलोमीटर पैदल सफर
समीर काका रोज अपने घर से करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर उस जगह पहुंचते हैं, जहां वह गुब्बारे बेचते हैं। वहां पहुंचने के बाद वह 6 घंटे से ज्यादा समय तक ग्राहकों का इंतजार करते हैं। दिन ढलने के बाद उन्हें फिर करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर घर लौटना पड़ता है। इस तरह उनका रोज का सफर करीब 8 किलोमीटर का हो जाता है।

दिनभर मेहनत के बाद करीब 150 रुपये
समीर काका की रोज की कमाई करीब 150 रुपये बताई गई है। सड़क किनारे गुब्बारों का गुच्छा लेकर खड़े रहना और घंटों ग्राहकों का इंतजार करना उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है। कमाई भले ही कम हो, लेकिन यही पैसा उनके परिवार के लिए जरूरी सहारा है।

26 साल से बेच रहे हैं गुब्बारे
समीर काका पिछले करीब 26 साल से गुब्बारे बेच रहे हैं। इतने लंबे समय में उनकी जिंदगी ने कई मुश्किल दौर देखे हैं। कुछ साल पहले उन्हें स्ट्रोक आया था, जिसके बाद वह कई वर्षों तक लकवे की समस्या से जूझते रहे। उनकी गर्दन भी पूरी तरह सीधी नहीं हो पाती।

पैरों में बीमारी के बावजूद नहीं रुकी मेहनत
समीर काका के पैरों में त्वचा से जुड़ी गंभीर बीमारी भी बताई गई है। इसकी वजह से उनके लिए चलना दर्दनाक और मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद वह हर सुबह गुब्बारों का गुच्छा उठाते हैं और काम के लिए निकल पड़ते हैं।

परिवार की जिम्मेदारी बनी सबसे बड़ी वजह
समीर काका अपने पांच सदस्यों के परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य बताए गए हैं। ऐसे में करीब 150 रुपये की रोज की कमाई भले ही छोटी नजर आए, लेकिन उनके परिवार के लिए यह बेहद जरूरी है। परिवार की जिम्मेदारी ही उन्हें अपनी तकलीफों के बावजूद लगातार काम करने की हिम्मत देती है।

Instagram वीडियो से सामने आई कहानी
समीर काका की कहानी Instagram क्रिएटर अराधना चटर्जी के वीडियो के जरिए सामने आई। अराधना ने उन्हें सड़क पर धीरे-धीरे चलते और लंगड़ाते हुए देखा था। उनके हाथों में गुब्बारे थे और वह लगातार ग्राहकों की तलाश कर रहे थे।

दूर से आम दिखती थी जिंदगी, कहानी पता चली तो बदल गया नजरिया
कोलकाता की सड़कों पर गुब्बारे बेचते बुजुर्ग को देखकर पहली नजर में यह एक आम तस्वीर लग सकती है। लेकिन जब अराधना ने समीर काका की जिंदगी और संघर्ष के बारे में जाना, तो उन्होंने उनकी कहानी कैमरे में रिकॉर्ड की और सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने उनकी कहानी को काफी पसंद किया और समीर काका जैसे लोगों के रोजमर्रा के संघर्ष को सामने लाने के लिए अराधना की तारीफ की।

अगली सुबह फिर वही सफर
समीर काका के लिए यह सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी नहीं, बल्कि उनकी रोज की जिंदगी है। अगली सुबह फिर उन्हें गुब्बारे लेकर निकलना है, करीब 4 किलोमीटर पैदल चलना है, घंटों ग्राहकों का इंतजार करना है और फिर उतनी ही दूरी पैदल तय करके घर लौटना है। उनकी उम्मीद बस इतनी रहती है कि आज कुछ और गुब्बारे बिक जाएं और परिवार के लिए थोड़ी और कमाई हो सके।

70 की उम्र में भी जिम्मेदारी का सफर जारी
उम्र 70 साल है, चलने में तकलीफ है और शरीर कई परेशानियों से जूझ रहा है। इसके बावजूद परिवार की जिम्मेदारी के कारण समीर काका का संघर्ष जारी है। उनकी कहानी यह दिखाती है कि कई लोगों के लिए काम सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि परिवार को संभालने की मजबूरी भी होता है।

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