सैमसंग को नकल की मिली बड़ी सजा!

सैमसंग को नकल की मिली बड़ी सजा!

📅 August 31, 2026 🏷️ Technology/Business ✍️ NewsTime Editorial
सैमसंग को स्मार्टवॉच के वॉच-फेस ऐप्स से जुड़े एक ट्रेडमार्क मामले में बड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने कंपनी को स्विस घड़ी कंपनी Swatch Group को 11.6 मिलियन डॉलर यानी करीब 110 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट का यह फैसला ट्रेडमार्क के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले में आया है।

पूरा मामला Samsung Galaxy App Store पर मौजूद कुछ स्मार्टवॉच वॉच-फेस ऐप्स से जुड़ा है। ये ऐप्स 2015 से 2019 के बीच प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थे। आरोप था कि कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स में Swatch Group के लग्जरी वॉच ब्रांड्स के डिजाइन और ट्रेडमार्क की नकल की गई थी। Swatch Group के पास Omega, Longines और Breguet जैसे कई प्रतिष्ठित घड़ी ब्रांड हैं।

Swatch Group का आरोप था कि उसके ब्रांड्स के नाम और डिजाइन का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया। इन वॉच-फेस ऐप्स को यूजर्स Samsung के प्लेटफॉर्म से डाउनलोड कर सकते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन और यूरोप में ऐसे ऐप्स के करीब 1.6 लाख डाउनलोड दर्ज किए गए थे।

Swatch Group ने इस मामले में सैमसंग से करीब 170 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। दूसरी तरफ सैमसंग का कहना था कि उसे केवल करीब 300 डॉलर का भुगतान करना चाहिए।

कोर्ट ने सैमसंग को क्यों माना जिम्मेदार?

ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने इस मामले में सैमसंग को भी जिम्मेदार माना। जज के मुताबिक, कंपनी ने इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने दिया और उसका ऐप रिव्यू सिस्टम ट्रेडमार्क उल्लंघन को रोकने में सफल नहीं रहा।

हालांकि वॉच-फेस ऐप्स थर्ड-पार्टी डेवलपर्स ने बनाए थे, लेकिन उन्हें Samsung Galaxy App Store पर उपलब्ध कराने में प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी मानी गई। कोर्ट ने माना कि लग्जरी ब्रांड्स के डिजाइन और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल उनकी प्रतिष्ठा और व्यावसायिक मूल्य को प्रभावित कर सकता है।

खासकर प्रीमियम घड़ी ब्रांड्स के लिए उनके डिजाइन, नाम और ट्रेडमार्क काफी महत्वपूर्ण होते हैं। कोर्ट के फैसले के बाद सैमसंग को Swatch Group को मुआवजा देने का आदेश मिला है।

सैमसंग कर सकती है अपील

सैमसंग ने इस फैसले को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है और कंपनी इस मामले में अपील करने पर विचार कर रही है। अगर कंपनी अपील करती है तो मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।

यह फैसला सिर्फ सैमसंग और Swatch Group तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इससे बड़ी टेक कंपनियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा होता है कि उनके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थर्ड-पार्टी ऐप्स द्वारा किए गए ट्रेडमार्क उल्लंघन के लिए प्लेटफॉर्म कंपनी की कितनी जिम्मेदारी हो सकती है।

स्मार्टवॉच और ऐप इकोसिस्टम के बढ़ते बाजार के बीच यह मामला प्लेटफॉर्म कंपनियों के ऐप रिव्यू सिस्टम और थर्ड-पार्टी डेवलपर्स की निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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