एबीवीपी से राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले विनोद तावड़े ने 2019 के विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद खामोशी और निष्ठा के बल पर राष्ट्रीय राजनीति में शानदार कमबैक किया है। बेहतरीन सांगठनिक क्षमता और चुनावी प्रबंधन के दम पर वे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और देश के सबसे अहम सियासी राज्य उत्तर प्रदेश के प्रभारी बने हैं। इससे पहले उन्होंने बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में भी अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है और एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। अब उनके कंधों पर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में नई ऊर्जा फूंकने और संगठन में तालमेल बिठाने की बड़ी जिम्मेदारी है।