इटली की सत्ता में नया इतिहास रचेंगी मेलोनी
जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 2022 में प्रधानमंत्री पद संभाला था और इस साल सितंबर में उनके कार्यकाल को चार साल पूरे हो जाएंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी ने इटली की राजनीति में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें अवैध प्रवासन पर सख्ती, न्याय व्यवस्था और संविधान में सुधार तथा यूरोपीय संघ में इटली के हितों को मजबूती से आगे रखना प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
मेलोनी की राजनीतिक यात्रा भी काफी दिलचस्प रही है। 16 दिसंबर 2012 को उनकी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली की स्थापना हुई। शुरुआत में पार्टी को ज्यादा राजनीतिक सफलता नहीं मिली और करीब सात साल तक उसका वोट शेयर 3 प्रतिशत के आसपास रहा। इसके बावजूद मेलोनी ने पार्टी को धीरे-धीरे मजबूत किया। वह सिर्फ 31 साल की उम्र में इटली की सबसे युवा मंत्री बनी थीं। इसके करीब एक दशक बाद 2022 में उन्होंने देश की प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता संभाली।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी सरकार ने अवैध प्रवासन के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए। उनकी सरकार ने अवैध प्रवासियों को हिरासत में रखने की अवधि बढ़ाने समेत कई नीतियां लागू कीं। मेलोनी का राजनीतिक रुख प्रवासन के मुद्दे पर काफी सख्त माना जाता है और उनकी सरकार ने अवैध प्रवासन को रोकना प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है।
मेलोनी सरकार ने सरोगेसी को लेकर भी कड़ा कानून बनाया है। इटली ने विदेशों में सरोगेसी कराने वाले अपने नागरिकों पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया है, भले ही उस देश में सरोगेसी कानूनी हो। दोषी पाए जाने पर दो साल तक की जेल और 10 लाख यूरो तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। इटली सरकार का तर्क है कि सरोगेसी महिलाओं के शरीर के वस्तुकरण और बच्चों के व्यवसायीकरण को बढ़ावा दे सकती है।
आर्थिक नीतियों को लेकर भी मेलोनी को विपक्ष और आलोचकों के सवालों का सामना करना पड़ा है। हालांकि उन्होंने कई मौकों पर अपनी सरकार के फैसलों का मजबूती से बचाव किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मेलोनी अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट रूप से रखने के लिए जानी जाती हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके संबंधों को लेकर भी कई बार चर्चा हुई है। G7 बैठक के दौरान ट्रंप की ओर से मेलोनी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विवाद पैदा हुआ था। इसके जवाब में मेलोनी ने इटली के सम्मान और अपने रुख को लेकर कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इटली और वह खुद किसी के सामने नहीं झुकते।
मेलोनी का लंबा कार्यकाल इटली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। अगर सितंबर में वह 1946 के बाद सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनती हैं, तो यह उनके राजनीतिक करियर की एक बड़ी उपलब्धि होगी। साथ ही यह इटली की समकालीन राजनीति में उनकी पार्टी और उनके नेतृत्व की बढ़ती ताकत को भी दर्शाएगा।