ट्रंप ने कनाडा की लेक ओंटारियो पर किया 'कब्जा'

ट्रंप ने कनाडा की लेक ओंटारियो पर किया 'कब्जा'

📅 August 29, 2026 🏷️ World/Politics ✍️ NewsTime Editorial
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश जारी किया है। हालांकि यह बदलाव सिर्फ अमेरिकी संघीय सरकार के आधिकारिक इस्तेमाल तक सीमित रहेगा। कनाडा, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और अन्य संगठन इस झील को लेक ओंटारियो के नाम से ही पुकार सकते हैं।

ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि लेक ओंटारियो का नाम अब तुरंत प्रभाव से लेक अमेरिका किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह काफी समय से इस नाम को बदलने के बारे में सोच रहे थे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है।

ट्रंप के आदेश के कुछ ही घंटों बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इस झील का नाम दोनों देशों के अस्तित्व में आने से भी पहले से चला आ रहा है। कार्नी ने सोशल मीडिया पर कहा कि कनाडाई लोग इतिहास को जानते हैं और झील को लेक ओंटारियो ही कहते रहेंगे।

न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने भी ट्रंप के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यूयॉर्क में इस झील को लेक अमेरिका नहीं कहा जाएगा। इससे साफ है कि नाम बदलने का अमेरिकी आदेश कनाडा या अमेरिकी राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं है।

लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की पांच ग्रेट लेक्स में से एक है। झील की करीब 52 फीसदी सतह कनाडा की सीमा में आती है, जबकि बाकी हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से नाम बदलने का यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

कनाडा में इस फैसले की आलोचना भी हुई है। क्यूबेक के वेंडैट नेशन के चीफ ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने के फैसले पर आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, झील का नाम वेंडैट भाषा और स्थानीय इतिहास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने नाम बदलने की कोशिश को इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिश के तौर पर देखा।

लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ता के बीच आया है। पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच तीन दिनों तक बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों ने बातचीत के विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनने की बात कह चुके हैं। कनाडाई नेता इस विचार को लगातार खारिज करते रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से कई बार बयानबाजी देखने को मिली है।

ट्रंप ने गुरुवार को यह भी मजाकिया अंदाज में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह महासागरों के नाम बदलने पर भी विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके पास एक गल्फ और एक लेक है, बस एक ओशियन की जरूरत बाकी है।

इससे पहले जनवरी 2025 में ट्रंप ने गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' करने का आदेश दिया था। हालांकि लेक ओंटारियो के मामले में स्थिति अलग है, क्योंकि झील का बड़ा हिस्सा कनाडा की सीमा में आता है। इसलिए अमेरिकी सरकार का नाम बदलने का फैसला कनाडा के आधिकारिक इस्तेमाल पर लागू नहीं होता।

लेक ओंटारियो को लेकर सामने आया यह विवाद दिखाता है कि अमेरिका और कनाडा के बीच रिश्तों में नाम और पहचान जैसे मुद्दे भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं। फिलहाल अमेरिका अपने संघीय दस्तावेजों और इस्तेमाल में नए नाम को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जबकि कनाडा ने साफ कर दिया है कि वह इस झील को उसके पारंपरिक नाम लेक ओंटारियो से ही संबोधित करेगा।

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