कैलाश यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु फंसे

कैलाश यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु फंसे

📅 August 27, 2026 🏷️ National/International ✍️ NewsTime Editorial
नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया ईशा फाउंडेशन का एक पूरा ग्रुप तिब्बत के गिरोंग में फंस गया है। बताया गया है कि वापसी के दौरान श्रद्धालु चीन के इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई और इमारत तथा आसपास का कस्बा पानी की चपेट में आ गया।

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक जग्गी वासुदेव, जिन्हें सद्गुरु के नाम से जाना जाता है, ने बताया कि हादसे के बाद इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालात को देखते हुए सद्गुरु खुद राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए गिरोंग पहुंच गए हैं।

सद्गुरु ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि चीन-तिब्बत के गिरोंग इलाके में भीषण बाढ़ आई है और कैलाश यात्रा से लौट रहा उनका एक ग्रुप इसकी चपेट में आ गया। श्रद्धालु वापसी के दौरान इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ का पानी वहां पहुंच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत और कस्बे का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सद्गुरु

सद्गुरु ने कहा कि ईशा फाउंडेशन की पूरी टीम और वॉलंटियर्स प्रभावित लोगों की मदद और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि राहत और बचाव अभियान में हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए टीम तैयार है। सद्गुरु ने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

कैलाश यात्रा पर गए श्रद्धालुओं का क्या है आंकड़ा?

ईशा फाउंडेशन के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कुल 21 ग्रुप गए थे। इनमें से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। वहीं 743 लोग फिलहाल तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में मौजूद हैं। इसके अलावा 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर में फंसे हुए हैं या लापता बताए जा रहे हैं। तिमुरे, नेपाल में ईशा फाउंडेशन के तीन वॉलंटियर्स भी मौजूद हैं।

बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में संपर्क और आवाजाही बाधित होने के कारण फंसे लोगों तक पहुंचना राहत टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है।

परिजनों को सद्गुरु ने दिलाया भरोसा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सद्गुरु ने श्रद्धालुओं के परिजनों को भरोसा दिलाया कि ईशा फाउंडेशन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि वे प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की चिंता और दर्द को समझते हैं।

सद्गुरु ने भरोसा दिलाया कि मौजूदा परिस्थितियों में बेहतर से बेहतर कदम उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह खुद घटनास्थल के करीब मौजूद हैं ताकि राहत और बचाव अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

नेपाल और तिब्बत में बाढ़ के कारण कई इलाकों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ी प्राथमिकता इमिग्रेशन सेंटर में फंसे या लापता बताए जा रहे 77 श्रद्धालुओं तक पहुंचना और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है।

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