नेपाल बाढ़ में डूबे बैंक से निकला खजाना

नेपाल बाढ़ में डूबे बैंक से निकला खजाना

📅 September 1, 2026 🏷️ World News ✍️ NewsTime Editorial
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। बाढ़ का पानी नुवाकोट जिले के त्रिशूली इलाके में स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा में भी घुस गया और पूरा बैंक परिसर पानी में डूब गया। कई दिनों बाद जब हालात कुछ सामान्य हुए तो बैंक के अंदर फंसी करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।

बचाव अभियान के दौरान बैंक से करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना बरामद किया गया। इसके अलावा करीब डेढ़ करोड़ नेपाली रुपये नकद, चांदी और अन्य कीमती सामान भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

1. बाढ़ में डूब गया पूरा बैंक

पुलिस के मुताबिक 10 भाद्र को आई भीषण बाढ़ में कृषि विकास बैंक की त्रिशूली-ढुंगे शाखा पूरी तरह प्रभावित हुई थी। पानी और मलबे के कारण बैंक के लॉकर और दूसरे हिस्सों तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। बैंक में रखे सोने, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।

2. आठ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

पुलिस और संबंधित बचाव टीमों ने करीब आठ घंटे तक लगातार अभियान चलाया। जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने बैंक के अंदर पहुंचकर एक-एक करके कीमती सामान को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान पूरा होने के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति सुरक्षित बरामद होने से बैंक अधिकारियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

3. नेपाल में भारी तबाही

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। तेज बहाव के कारण सड़कें और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर बाढ़ के पानी और मलबे ने राहत एवं बचाव कार्य को भी मुश्किल बना दिया।

इसी प्राकृतिक आपदा के बीच त्रिशूली स्थित बैंक शाखा में रखी करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालना प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती थी। बचाव दल ने जोखिम के बीच अभियान चलाकर सोना, नकदी, चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया।

4. प्रधानमंत्री ने साझा की राहत अभियान की जानकारी

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देश में जारी भीषण प्राकृतिक आपदा को लेकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि और भौतिक नुकसान का पूरा आकलन करना अभी भी चुनौतीपूर्ण है।

प्रतिकूल मौसम, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बने जोखिम के बावजूद सरकार नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार अब तक 9,435 लोगों को हवाई और सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव के लिए कुल 394 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं।

5. हजारों सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे

प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 20,618 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जलविद्युत परियोजना क्षेत्रों से नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ दल भी नेपाली सेना के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। भारतीय विशेषज्ञों की मदद से रसुवा में अपर त्रिशूली-1 परियोजना के आसपास भी लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया गया। भारतीय टीम सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर तक खोज अभियान में जुटी है।

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर दिखाया है कि बाढ़ और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बैंक से करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालना इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जबकि प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने और लापता लोगों की तलाश का अभियान लगातार जारी है।

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