नेपाल में बड़ी तबाही, 133 भारतीय लापता

नेपाल में बड़ी तबाही, 133 भारतीय लापता

📅 August 27, 2026 🏷️ National/International ✍️ NewsTime Editorial
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। रसुवा जिले में सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज सैलाब आया, जिसके बाद तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ।

इस भयावह हादसे में अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के अनुसार, लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, सुबह 8:22 बजे गोसाईकुंड से करीब 47 किलोमीटर उत्तर में तिब्बती क्षेत्र के गाइरोंग काउंटी में 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इससे पहले दो ग्लेशियर एवलांच ट्रिगर होने की जानकारी सामने आई। दबाव बढ़ने के बाद त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में अचानक फ्लैश फ्लड आया, जिसने नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

बाढ़ के कारण कई घर और अन्य इमारतें कीचड़ भरे पानी में डूब गईं। तेज बहाव ने सड़क और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।

ईशा फाउंडेशन का 77 लोगों का ग्रुप भी फंसा

इस हादसे के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहा ईशा फाउंडेशन का एक ग्रुप भी मुश्किल में फंस गया। यात्रा से वापसी के दौरान श्रद्धालु चीन के इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे, तभी अचानक आई बाढ़ ने इमारत और आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि घटना के बाद इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए गाइरोंग पहुंचने की जानकारी दी।

ईशा फाउंडेशन के आंकड़ों के अनुसार, इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 21 ग्रुप गए थे। इनमें 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग फिलहाल तिब्बत और 148 लोग नेपाल में मौजूद हैं। वहीं 77 लोगों के इमिग्रेशन सेंटर में फंसे या लापता होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा तिमुरे में तीन वॉलंटियर्स भी मौजूद हैं।

भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। भारत ने राहत और बचाव कार्यों में नेपाल की मदद के लिए तैयार रहने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा

नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का असर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। नेपाल से भारत की ओर आने वाली नदियों में पानी बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

त्रिशूली नदी का पानी आगे चलकर नारायणी नदी में पहुंचता है, जिसे भारत में गंडक नदी के नाम से जाना जाता है। नेपाल में पानी बढ़ने के बाद गंडक नदी का जलस्तर भी बढ़ने की आशंका है।

बिहार में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और आसपास के निचले इलाकों में खतरा ज्यादा माना जा रहा है। प्रशासन ने नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है तथा राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा से सटे पूर्वांचल के जिलों पर भी नजर रखी जा रही है। राप्ती समेत अन्य नदियों के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है। भारतीय नागरिकों के लापता होने के कारण भारत में भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान के साथ लापता लोगों की तलाश पर जोर दिया जा रहा है।

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